कांग्रेस से वरिष्ठ नेताओं को निकाला जाना अनैतिक व असंवैधानिक: रामकृष्ण

  • कहा, एआईसीसी सदस्यों को निकालने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति को नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश कांग्रेस कमेटी से निकाले गए दस वरिष्ठ नेताओं में से नौ ने पार्टी के निर्णय पर सवाल उठाये हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन नेताओं ने पार्टी से मिले नोटिस और निष्कासन को अनैतिक, गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब वरिष्ठ कांग्रेस नेता किसी भी तरह का अपमान नहीं सहेंगे।
कांग्रेस से निष्कासित पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस के संविधान के मुताबिक पूर्व सांसद और पूर्व विधायक समेत एआईसीसी सदस्यों को निकालने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति को नहीं है। अनुशासन समिति केवल केंद्रीय अनुशासन समिति को कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है। लेकिन यहां जो लोग बैठे हैं, वे न तो कांग्रेस की नीतियां जानते हैं, न उसके संविधान के बारे में पता है और न ही उनका कोई सरोकार कांग्रेस की विचारधारा से है। कांग्रेस लोकतंत्र की बात करती है। लेकिन यहां जो कुछ भी किया गया, वह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक था। लोकतंत्र की दुहाई देने वाली पार्टी अब अपनी पार्टी के भीतर ही लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी ने कहा कि अब याचना नहीं रण होगा। क्योंकि उन्हें न तो कोई नोटिस मिला है और न ही उन्होंने कोई जवाब दिया है। ऐसे में जवाब से असंतुष्ट होने की बात कहना कांग्रेस की अनुशासन समिति का झूठ है। सिराज मेंहदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस तरह की स्थिति में हस्तक्षेप करना चाहिए। अगर वह हस्तक्षेप नहीं करेंगे तो इससे काफी दिक्कत होगी।

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