अमेरिका से भारतीयों की दुखद वापसी

अमेरिका ने एक महीने में दूसरी बार अपनी सीमा में वीजा नियमों का उल्लंघन करने या फिर अवैध रूप से प्रवेश करने वाले भारतीयों को वापस भेजा है। यह हम सबके लिए दुखद है। साथ ही सरकार के समक्ष चुनौती भी है कि वह रोजगार के ऐसे इंतजाम करे ताकि युवाओं को देश छोडक़र बाहर जाना ही न पड़े।

sanjay Sharma

अमेरिका, सऊदी समेत कई देशों की चकाचौंध से प्रभावित सैकड़ों युवा नौकरी और बिजनेस के सिलसिले में रोजाना विदेश जाने का ख्वाब आंखों में पाले रहते हैं। इनमें कुछ लोग वैध तरीके से विदेश जाते हैं। जबकि बहुत से लोग अपनी इस चाहत को पूरा करने में कई बार गलत रास्तों का भी इस्तेमाल करने से नहीं चूकते हैं। जिसका नतीजा यह होता है कि अवैध रूप से दूसरे देश में प्रवेश करने और वीजा लिमिट समाप्त होने के कारण उन्हें देश और विदेश दोनों जगह बेइज्जत होना पड़ता है। विदेश से वापस भारत भेज दिया जाता है। अमेरिका ने एक महीने में दूसरी बार अपनी सीमा में वीजा नियमों का उल्लंघन करने या फिर अवैध रूप से प्रवेश करने वाले भारतीयों को वापस भेजा है। यह हम सबके लिए दुखद है। साथ ही सरकार के समक्ष चुनौती भी है कि वह रोजगार के ऐसे इंतजाम करे ताकि युवाओं को देश छोडक़र बाहर जाना ही न पड़े।
दिल्ली में कुछ दिनों पूर्व जब हवाई अड्डे पर डेढ़ सौ लोग उतरे तो उनके चेहरे पर उदासी छाई थी, शरीर पर मौजूद कपड़े भी सही-सलामत नहीं थे। हैरानी की बात यह है कि इन लोगों को हवाई जहाज से बाहर निकलने के पहले तक हाथ-पांव बांध कर रखा गया था। संभव है, इसे किसी प्रक्रिया का हवाला देकर सही ठहराया जाए, लेकिन इसके पीछे कोई वाजिब तर्क ढूंढना मुश्किल है। इसके बावजूद यह कहा जा सकता है कि चूंकि वापस भेजे गए लोगों ने अमेरिका में प्रवेश करने के वैध तरीके का उल्लंघन किया था, इसलिए जांच में पकड़े जाने के बावजूद उन्हें वहां बनाए रखना मुश्किल था। करीब एक महीने पहले इसी तरह तीन सौ ग्यारह भारतीयों को पकड़ कर वापस भेज दिया गया था, जो मैक्सिको से होते हुए अवैध तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए थे या ऐसा करते हुए पकड़े गए थे। आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में छह लाख से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिनका दस्तावेजों में कोई रेकॉर्ड नहीं है। अगर अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को लेकर कोई व्यापक अभियान चला, तो नतीजों का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में देश छोडक़र अवैध तरीके से विदेश जाने वाले लोगों के बारे में सरकार को सोचना होगा। हमारी सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह देश के अंदर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये। युवाओं में विश्वास जगाए कि वे देश में रहकर विकास में योगदान दें। विदेश जाने के अवैध तरीकों का इस्तेमाल करने से बचें। वहीं अमेरिका व सऊदी अरब को भी अपने देश की सीमा में पकड़े जाने वाले अवैध भारतीयों को व्यापारिक संबंधों का ख्याल करते हुए मानवीय संवेदना के तहत बेइज्जत करने से बचना चाहिए। उन्हें कानूनी रूप से सजा दें, लेकिन मानवीय मूल्यों को तो संरक्षित रखें

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