जस्टिस सुधीर अग्रवाल के सीएम अपाइंटमेंट को लेकर सनसनी, अनजान महिला ने कर दिया खेल, रजिस्ट्रार ने कहा जज जानते ही नहीं इस महिला को

  • राम मंदिर मामले में फैसला देने वाले हाईकोर्ट के जाने-माने जज हैं सुधीर अग्रवाल
  • उनके कड़े फैसलों से चढ़ती है कंपकंपी तंत्र की, ईमानदारी से न्याय देने वाले जजों में शुमार हैं जस्टिस अग्रवाल
  • उनके फैसलों के कारण संभावित खतरे को देखते हुए उन्हें दी गई है जेड प्लस सिक्योरिटी
  • एक अंजान महिला ने सीएम से जस्टिस अग्रवाल की तय करा दी मुलाकात जबकि जस्टिस अग्रवाल जानते भी नहीं इस महिला को
  • हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने लिखा खत कि इस मामले की हो उच्चस्तरीय जांच

 संजय शर्मा
लखनऊ। यदि मुख्यमंत्री से आपको समय चाहिए तो आप कौन हैं इसकी पड़ताल जरूर की जाती है। यह रूटीन कार्य है और मौजूदा सीएम की सुरक्षा को लेकर वैसे भी खतरा है। मगर एक अंजान सी महिला सीएम सचिवालय में आकर कहती है कि देश के सबसे चर्चित जजों में शुमार जस्टिस सुधीर अग्रवाल सीएम से मिलना चाहते हैं। सचिवालय से बिना किसी पड़ताल के न सिर्फ इस मुलाकात को फाइनल रूप दे दिया जाता है बल्कि जस्टिस अग्रवाल के आने के लिए गाड़ी आदि की व्यवस्था कर दी जाती है।
मामला जस्टिस अग्रवाल के संज्ञान में आने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने प्रमुख सचिव गृह को फोन करके इस मामले को एक साजिश बताते हुए कहा कि यह तो हाई सिक्योरिटी वाले लोगों के बीच की गई कोई योजना है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इस खत के आने के बाद हडक़ंप मच गया है। मगर कोई भी वरिष्ठ अधिकारी इस मामले पर बोलने को तैयार नहीं है। तीस अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार आशीष कुमार श्रीवास्तव ने पत्रांक संख्या 550 के तहत प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर कहा कि 23 अक्टूबर को रात के आठ बजकर सोलह मिनट पर हाईकोर्ट के पीआरओ एमपी सिंह ने फोन करके बताया कि सीएम कार्यालय ने सूचित किया कि मिस रीना सिंह जो खुद को न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की भतीजी बता रही थी। उन्होंने माननीय न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल जी का सीएम से अप्वाइंटमेंट फिक्स कराया है और उसके लिए गाड़ी आदि की व्यवस्था भी कर दी गई है। उन्होंने पत्र में लिखा अक्टूबर में ही मुख्यमंत्री निवास से लार्डशिप के पास फोन आया था जिसमें मिस रीना सिंह के द्वारा सीएम से मुलाकात किए जाने की बात की गई थी। उसी समय अवगत करा दिया गया था कि न्यायमूर्ति अग्रवाल इस नाम की किसी महिला को नहीं जानते और न ही यह उनकी भतीजी है। पत्र में लिखा गया है कि लार्डशिप जस्टिस अग्रवाल इस मामले में एक उच्च स्तरीय जांच चाहते हैं। इस खत की कॉपी मुख्यमंत्री के सचिवालय के प्रोटोकॉल अफसर को भी भेजी गई है।
सुधीर अग्रवाल हाईकोर्ट के उन जजों में श्ुामार हैं जिन्होंने राम जन्म भूमि मामले के अलावा कई बड़े और कड़े फैसले दिए हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर खासी चौकसी बरती जाती है।
इस मामले में बोलने को कोई अफसर तैयार नहीं है। जाहिर है यह सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चूक है कि अनजान सी महिला सीएम कार्यालय तक पहुंच जाती है और इस साजिश को अंजाम भी दे देती है।

जस्टिस सुधीर अग्रवाल के नाम कई कीर्तिमान
लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) इलाहाबाद हाईकोर्ट के सीनियर जस्टिस सुधीर अग्रवाल के नाम कई कीर्तिमान हैं। जस्टिस अग्रवाल सबसे ज्यादा मुकदमों में फैसला देने वाले भारत के ही नहीं बल्कि पूरे एशिया के पहले न्यायमूर्ति हैं। जस्टिस अग्रवाल 31 अक्टूबर तक एक लाख 30 हजार 418 मुकदमों में फैसला दे चुके हैं। जस्टिस अग्रवाल अयोध्या विवाद पर फैसला देने वाली इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ में भी शामिल थे। इससे पहले पिछले साल जस्टिस अग्रवाल एक लाख 12 हजार मुकदमों पर फैसला सुनाने वाले देश के पहले जज बने थे। न्यायमूर्ति अग्रवाल पांच अक्टूबर 2005 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। 10 अगस्त 2007 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्थाई जज पद की शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 23 अप्रैल 2020 तक है। बता दें, 24 अप्रैल 1958 को यूपी के शिकोहाबाद में जन्मे न्यायमूर्ति अग्रवाल अपने सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं। जस्टिस अग्रवाल अयोध्या में रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला देकर चर्चा में आए थे। अयोध्या बाबरी मस्जिद विवाद के अलावा उन्होंने शंकराचार्य बद्रिकाश्रम पीठ विवाद, सरकारी स्कूलों में वीआईपी के बच्चों के पढऩे के मामले जैसे कई मामलों में महत्वपूर्ण फैसला दिया है।

यह दो अतिविशिष्टï लोगों की मुलाकात का मामला है। दोनों लोगों की सुरक्षा के लिए उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। ऐसे में किसी अंजान महिला का इस तरह दोनों के बीच नियुक्ति का मामला बेहद संवेदनशील है। इसकी तत्काल उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
-नूतन ठाकुर, अधिवक्ता हाईकोर्ट

यह बेहद हैरान करने वाली बात है। बिना यह पड़ताल किए कि रीना सिंह कौन हैं उनके कहने पर सीएम द्वारा जस्टिस अग्रवाल को समय दिया जाना एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। इसमें जिम्मेदारी तय करते हुए साजिश करने वाले को गिरफ्तार करना चााहिए।
-विनोद पांडेय, अधिवक्ता हाईकोर्ट

माननीय योगी जी दुनिया में सबसे अधिक प्रसिद्धि वाले नेता हैं। जस्टिस अग्रवाल का भी बहुत बड़ा नाम है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच होने के पश्चात ऐसा करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
-डॉ. चन्द्रमोहन,प्रवक्ता भाजपा

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