मुआवजे की मांग कर रहे किसानों का आंदोलन राजनीति से प्रेरित: महाना

  • कहा, सरकार ने अब तक 237 करोड़ रुपये दिया मुआवजा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने उन्नाव की ट्रांसगंगा परियोजना में चल रहे आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में किसान नहीं बल्कि राजनीतिक दलों से संबंध रखने वाले अन्य लोग शामिल हैं। जिनका मकसद सरकार की तरफ से किए जा रहे विकास कार्यों को बाधित करना है। जबकि हकीकत में सरकार इस परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का काम कर रही है। किसानों को जमीन के बदले पर्याप्त मुआवजा दिया जा रहा है।
सतीश महाना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ट्रांसगंगा परियोजना के लिए जिन किसानों की जमीन भी नहीं ली गई है, वे मुआवजे की मांग कर रहे हैं। एक व्यक्ति जिसकी जमीन ली गई, उसे पूरा मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है। सरकार किसानों को अधिग्रहीत जमीन के बदले अब तक 237 करोड़ रुपये की धनराशि दे चुकी है। उन्होंने बताया कि ट्रांसगंगा परियोजना के लिए कुल 1144 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। किसानों को मुआवजे के अलावा 6 प्रतिशत व्यवसायिक जमीन देने का भी काम होगा।

व्यवसायिक प्लाट के लिए 1786 लोगों ने किया आवेदन

औद्योगिक विकास मंत्री के मुताबिक ट्रांसगंगा परियोजना में तेजी से विकास के काम होंगे। परियोजना में व्यवसायिक प्लाट के लिए 1786 लोगों ने आवेदन किया। इसके कुछ ही समय बाद इसमें 780 लोगों ने कहा कि वह प्लाट नहीं लेंगे। उन्हें उनकी जमा रकम वापस की जाए। पिछली सरकार ने आवंटियों की जमा रकम से 25 प्रतिशत धनराशि काटने का फैसला किया। जब भाजपा सरकार बनी तो निर्णय लिया कि जिनको जमीन नहीं चाहिए उन्हें पैसा वापस किया जाएगा। 25 प्रतिशत धनराशि की कटौती नहीं होगी। औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि ट्रांसगंगा परियोजना जब विकसित होगी तब कानपुर के पॉश इलाके से बेहतर यहां सुविधाएं होंगी। इसके अलावा सरसैया घाट से गंगा पर एक पुल बनेगा।

उन्नाव की घटना पर जताया दु:ख

लखनऊ। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा उर्फ मोना ने उन्नाव में किसानों के आंदोलन और मुआवजा प्रकरण पर कहा कि पुलिस ने किसानों का उत्पीडऩ और लाठीचार्ज किया है। प्रदेश सरकार ने निहत्थे किसानों पर लाठी और आंसू गैस के गोले दागे हैं, जिनके शरीर पर चोट के निशान हैं। बहुतायत संख्या में घायल किसानों को इलाज भी मुहैया नहीं कराया जा रहा है और न ही उनको गांव से बाहर जाकर स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने दिया जा रहा है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है। बता दें, प्रियंका गांधी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधान मंडल की नेता आराधना मिश्रा, विधायक सुहैल अंसारी, पूर्व सांसद राकेश सचान, प्रदेश महासचिव मनोज यादव किसानों के बीच पहुंचे थे।

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