DHFL घोटाला, तो क्या… सच में नहीं गया CBI को खत

  • ऊर्जा मंत्री ने सीबीआई जांच को कही खत लिखने की बात तो कहां गायब हो गया यह खत
  • न खत की कॉपी देने और न सीबीआई को किस तारीख को भेजा गया खत यह बताने को कोई राजी
  • तत्कालीन चेयरमैन आलोक कुमार को बचाने के लिए नहीं भेजा गया सीबीआई को खत ऐसी चर्चा हो गई आम
  • डीएचएफएल को किस तारीख में भेजा गया कितना रुपया यह जानकारी देने से बच रहे हैं अफसर

मुजाहिद जैदी
लखनऊ। यूपी पावर कारपोरेशन के कर्मचारी दो दिन से हड़ताल पर हैं और पिछले 15 दिन से अपने परिवार के साथ परेशान हैं। उनके भविष्य का पैसा अंधकारमय हो गया है। हालांकि सीएम योगी ने भरोसा दिलाया है कि कर्मचारियों का पैसा नहीं डूबने दिया जायेगा मगर आला अफसर इस जांच को लेकर जिस तरह का खेल खेल रहे हैं उससे यह आशंका बलवती हो गई है कि इस गोरखधंधे में शामिल बड़ी मछलियों तक हाथ नहीं पहुंच पायेगा। हैरानी की बात यह है कि सरकार की तरफ से बड़े जोर-शोर के साथ कहा गया कि सीबीआई को जांच के लिए खत लिख दिया गया मगर मीडिया के लोग इस खत की कॉपी और तारीख पूछ रहे हैं तो उनको जवाब देने वाला कोई नहीं है। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार हमला बोल रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि पूर्व चेयरमैन आलोक कुमार को बचाने के लिए सीबीआई को खत भेजा ही नहीं गया।
पावर कारपोरेशन का यह घोटाला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई थी। हजारों करोड़ के इस घोटाले को लेकर देश भर में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी। 14 नवंबर को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सीएम को सीबीआई जांच कराने के लिए खत लिख दिया था। यह खत भी इसलिए लिखा गया था कि इसके बाद विपक्ष के तेवर ठंडे हो जाएं मगर पन्द्रह दिन बीतने के बात भी इस खत पर चुप्पी रहस्य पैदा कर रही है।
घोटाले के समय आलोक कुमार ही पावर कारपोरेशन के चेयरमैन थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि उन्हें दंड देने की जगह और प्रभावशाली पद पर तैनात करने के पीछे क्या मंशा है। इस घोटाले का असली सच तो सीबीआई जांच के बाद ही पता चलेगा पर यह तय है कि यह मुद्दा जल्द ही शांत होता नजर नहीं आ रहा।

सीबीआई जांच को मिली संस्तुति: श्रीकांत
श्रीकांत शर्मा ने 14 नवंबर को ट्विटर के माध्यम से कहा था कि यूपीपीसीएल के कार्मिक दिन रात प्रदेश की जनता की सहूलियत के लिए परिश्रम कर रहे हैं। उनकी गाढ़ी कमाई की पाई-पाई मिले इसके लिए सरकार सभी विकल्पों पर काम कर रही है। सभी कार्मिकों और उनके परिवारों के साथ सरकार खड़ी है। यह भी कहा कि 2014 में सपा सरकार द्वारा रचे गए षड्यंत्र के तहत गैरकानूनी तरीके से पीएफ का पैसा डीएचएफएल में लगाने में संलिप्त सभी निवर्तमान-वर्तमान लोगों पर सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। ईओडब्ल्यू जांच चल रही है। मेरे अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने सीबीआई को भी संस्तुति की है।

भाजपा हमेशा से ही झूठ और फरेब की राजनीति करती रही है। जनता के सामने नैतिकता की दुहाई देने वाली भाजपा सरकार करोड़ों के घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने में डर रही है। इस बात से स्पष्ट हो रहा है कि डीएचएफएल मामले में कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
-अशोक सिंह, प्रवक्ता, कांग्रेस

कर्मचारी अपने परिवार के भविष्य के लिए खून-पसीने की कमाई का पैसा जोड़ता है। यह घोटाला उसके लिए सदमे जैसा है। समझ नहीं आ रहा कि अगर सीबीआई को खत लिखा गया तो 15 दिन में सीबीआई जांच क्यों नहीं शुरू हुई।
-अरविंद सिंह गोप, वरिष्ठï सपा नेता

सरकार जब पारदर्शिता की बात करती है तो फिर सीबीआई को भेजे गए खत को सार्वजनिक करने में क्या परेशानी है। इस घोटाले का सच जल्द से जल्द सामने आना चाहिए।
-नूतन ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता

जम्मू-कश्मीर के हालात सामान्य: अमित शाह

  • एनआरसी पर किसी को डरने की जरूरत नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि वहां के हालात सामान्य हो चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में आज सभी 195 थानों में कहीं पर धारा 144 नहीं है। सिर्फ एहतियात के तौर पर रात को 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कुछ थानों में इसे लागू किया गया है। अमित शाह ने कहा कि राज्य में जहां तक इंटरनेट सेवाओं को लागू करने का सवाल है तो उचित समय पर वहां के प्रशासन की अनुशंसा के आधार पर ही इसे सुनिश्चित किया जा सकता है। कश्मीर में पड़ोसी देश के द्वारा बहुत सारी गतिविधियां चलती रहती हैं और वहां की कानून व्यवस्था और सुरक्षा को देखकर ही ये निर्णय लिया जा सकता है। बैंकिंग सेवाएं सुचारु रूप से काम कर रही हैं। ज्यादातर दुकानें खुलती हैं। अदालत में हाल में तकरीबन 36 हजार मामले आए हैं। 5 अगस्त के बाद घाटी में एक भी व्यक्ति की पुलिस फायरिंग से मौत नहीं हुई है। पत्थरबाजी की घटनाएं भी कम हुई हैं। वहीं शाह ने कहा कि एनआरसी में धर्म के आधार पर भेदभाव करने की बात नहीं है। किसी भी धर्म के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

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