सरकार के दावे फुस्स प्याज-लहसुन ने दिखाए तेवर, टमाटर भी हुआ ’लाल‘

  • आलू से लेकर अदरक तक के भी दाम पहुंचे आसमान पर
  • गृहणियां बोलीं मजबूरी में करना पड़ता है समझौताथाली से गायब होने लगी सब्जियां
  • बिना लहसुन और प्याज के फीका पडऩे लगा है खाने का स्वाद
  • रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि रेस्टोरेंट चलाने में महंगा या सस्ता नहीं देखा जाता है। हर हाल में सब्जियां लेनी ही पड़ती हैं।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सरकार के तमाम दावों के बावजूद प्याज, लहसुन के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। टमाटर भी लाल हो गया है। महंगाई के कारण लोगों ने प्याज, लहसुन और टमाटर से किनारा कर लिया है। लिहाजा लोगों की थाली से सब्जियां गायब होने लगी हैं।
राजधानी में सब्जियां महंगी हो गई हैं।ेेे लहसुन, प्याज और टमाटर के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। लहसून 240 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी मंडी में प्याज 300 रुपए पसेरी बिक रहा है। यानी बाजार में 70 से 80 रुपए किलो मिल रहा हैं। छोटा प्याज लोग 60 रुपए किलो तक खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं। शादी और अन्य पार्टियों में लोग बिना लहसुन और प्याज के सब्जी बनाने के लिए हलवाई से कह रहे हंै। दूसरी तरफ नई आलू मंडी में 280 रुपए पसेरी है जो पहले 240 रुपए पसेरी थी। फिलहाल फुटकर में आलू 40 रुपए किलो बिक रही है। मसाले व चाय में डाली जाने वाली अदरक का मंडी में भाव 80 रुपए से 100 रुपए किलो तक है। फुटकर व्यापारी इसे 160 रुपए किलो यानी 40 रुपए पांव बेच रहे हैं। टमाटर का दाम 50-60 रुपए किलो से नीचे ही नहीं आ रहा है। वहीं इस बारे में सरकार का कहना है कि प्रतिकूल मौसम के कारण प्याज का उत्पादन लगभग 10 लाख टन कम हो गया, जिससे यह स्थिति उत्पनन हो गई है। टेढ़ीपुलिया के थोक सब्जी व्यापारी अयोध्या प्रसाद का कहना है कि सब्जियों की
आवक कम होने के कारण महंगाई बढ़ गई है।

यह कहना है गृहणियों का

हजरतगंज निवासी गीता कनौजिया का कहना है कि जब से प्याज व लहसुन महंगा हुआ है तबसे वह एक किलो प्याज लेने के बजाय आधा किलो ले रही हूं और लहसून 250 ग्राम लेकर काम चला रही हूं। सरकार प्याज कहां सस्ता बेच रही है, इसका पता ही नहीं चल रहा है।

जानकीपुरम निवासी गरिमा बाजपेयीे ने बताया कि जब मुझे मटर पनीर बनानी होती है तो उसमें प्याज, लहसुन व अदरक का इस्तेमाल पहले की अपेक्षा कम करते हैं। महंगाई की वजह से समझौता करना पड़ता है।

बंगला बजार निवासी पूनम राजपूत का कहना है कि लहसुन जब से 250 रुपए और प्याज 70 रुपए किलो बिकने लगा है मैंने बिना लहसुन प्याज के खाना बनाना शुरू कर दिया है।

सदर निवासी सुधा वर्मा का कहना है कि मुझे एक किलो प्याज महंगा नहीं लगता। यह काफी दिन चल जाता है। लहसुन भी ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

फुटकर रेट

लहसुन 240 रु. किलो
प्याज 80 रु. किलो
आलू नया 40 रु. किलो
टमाटर 60 रु. किलो
अदरक 160 रु. किलो
मटर 150 रु. किलो
गोभी 40 रु. पीस
मूली 10 रु. की दो पीस
बैगन 60 रु. की दो पीस

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