डेंगू के बाद अब चिकनगुनिया की दस्तक राजधानीवासियों में फैली दहशत

  • स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को किया अलर्ट, मरीजों की बढ़ रही संख्या
  • अलग वार्ड बनाने की तैयारी, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में डेंगू के बाद अब चिकनगुनिया ने दस्तक दे दी है। पिछले तीन दिनों के भीतर कई लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप मच गया है। हालात को देखते हुए सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। साथ ही दवाओं और जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं चिकनगुनिया की दस्तक से राजधानीवासियों में दहशत फैली हुई है।
राजधानी के तमाम अस्पतालों में चिकनगुनिया और डेंगू से पीडि़त मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डेंगू से अब तक एक हजार से अधिक लोग पीडि़त हो चुके हैं जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों मरीजों का इलाज अभी भी जारी है। वहीं नए मरीजों के अस्पताल आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसी बीच चिकनगुनिया के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूल गए हैं। इस माह अब तक तीन लोगों में रोग की पुष्टिï हुई है। चिकनगुनिया के संदिग्ध मरीज अस्पताल में जांच के लिए पहुंच रहे हैं। जांच होने के बाद ही पता चलेगा कि ये चिकनगुनिया से पीडि़त हैं या नहीं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। विभाग ने राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। साथ ही रोगियों के लिए अलग वार्ड बनाने की तैयारी भी जा रही है। गौरतलब है कि डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षणों को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। चिकनगुनिया मादा एडिस एजिप्टी व एडीस एल्बोपिक्टस मच्छर के काटने से होता है। डेंगू भी मच्छरों के काटने से होता है। ऐस में बिना जांच के पता लगाना संभव नहीं होता है कि मरीज डेंगू से पीडि़त है या चिकनगुनिया से। जांच में कई लोगों में चिकनगुनिया की पुष्टिï होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।

बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा
केजीएमयू की डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि चिकनगुनिया का मच्छर ज्यादातर दिन में काटता है। यह घर के अंदर या बाहर दोनों जगहों पर हो सकता है। फिलहाल इसकी रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन नहीं आती है। केवल बचाव ही इसका उपाय है। नवजात बच्चों, बुजुर्गों, डायबिटीज और हार्ट रोगियों को रोग का खतरा अधिक होता है। इसके लक्षण तीन से सात दिनों के भीतर सामने आते हैं।

ये हैं रोग के लक्षण
यह रोग मच्छरों के काटने से होता है। तेज बुखार और जोड़ों में तेज दर्द इसका प्रमुख लक्षण है। यह दर्द ज्यादातर हाथ व पैरों की अंगुलियों में होता है जो कई महीनों तक रह सकता है। शरीर पर लाल चकते हो जाते हैं। भूख नहीं लगती है और जी मिचलाता है। रोगी को तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए।

चिकनगुनिया से बचाव
पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
र पर मच्छरदानी का प्रयोग करें
मच्छरों को पैदा होने से रोकें
घर के अंदर और बाहर पानी जमा न होने दें
लगातार पानी पीते रहें, रोगी आराम करें

सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। जरूरी दवाएं और जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सक किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
-डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ

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