साइबर अपराध में शोध पर एसपी दिनेश यादव को मिली डॉक्टरेट की उपाधि

  • मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक ने प्रदान की की उपाधि
  • साइबर क्राइम में पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले प्रदेश के पहले पुलिस अफसर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश आतंकवादी निरोधक दस्ता (एटीएस) के एसपी दिनेश यादव को एमिटी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक दीक्षांत समारोह में साइबर अपराध क्षेत्र में शोध करने पर पीएचडी की डिग्री दी गई। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेशचंद्र पोखरियाल निशंक ने उन्हें यह डिग्री प्रदान की। दिनेश यादव उत्तर प्रदेश पुलिस के ऐसे पहले अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने साइबर क्राइम में पीएचडी हासिल की है। इससे पूर्व एसएसपी आजमगढ़ त्रिवेणी सिंह ने साइबर लॉ में पीएचडी हासिल की थी।
एसपी दिनेश यादव ने बताया कि उन्होंने क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के चारों स्टेकहोल्डर का अध्ययन किया है। 400 साइबर क्राइम के पीडि़तों,1100 सामान्य इंटरनेट यूजर्स, 200 पुलिस अधिकारियों, 100 अभियोजन अधिकारियों एवं 100 जुडिशल अधिकारियों से व्यक्तिगत प्रश्नावली को भरवा कर उनका विभिन्न विषयों जैसे पुलिस सर्विस गुणवत्ता, साइबर अपराध की विवेचना की गुणवत्ता, पुलिस अधिकारियों की साइबर अपराध पर अन्वेषण का प्रशिक्षण, साइबर अपराध पीडि़तों एवं सामान्य इंटरनेट यूजर्स, इंटरनेट हैबिट्स तथा उनका साइबर अपराध घटित होने में रिलेशनशिप आदि बिंदुओं पर अध्ययन किया है।

नोएडा और लखनऊ में स्थापित किए थे साइबर अन्वेषण केंद्र

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) दिनेश यादव एटीएस में तैनाती से पूर्व नोएडा में पुलिस उपाधीक्षक व एसपी सिटी के पद पर तैनात रह चुके हैं। नोएडा में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने एडोब कंपनी के सीईओ नरेश गुप्ता के बेटे अनंत अपहरण कांड, बहुचर्चित निठारी कांड जैसे जघन्य अपराधों में सर्विलांस विधि से उत्कृष्ट कार्य करके अपराधियों को पकड़ा था। एसपी दिनेश यादव ने लखनऊ और नोएडा में अपनी तैनाती के दौरान वर्ष 2012 में लखनऊ में तथा वर्ष 2015 में नोएडा में साइबर अन्वेषण केंद्र की स्थापना की तथा यहां पर पुलिस वालों को साइबर क्राइम से निपटने की ट्रेनिंग शुरू की गई। उनके इस प्रयास के बाद ही उत्तर प्रदेश शासन ने नोएडा व लखनऊ में साइबर थाने की स्थापना की।

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