सीएम फंड से इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर काट रहे मरीज

  • मरीज फंड के तहत दवा लेने पहुंचे लेकिन उनको दवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्हें बहाना बनाकर टरकाया गया।
  • योजनाओं का लाभ देने में आनाकानी कर रहा केजीएमयू प्रशासन
  • शिकायत के बावजूद हालात में नहीं हो रहा सुधार, सिर्फ दिया जा रहा आश्वासन

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी के नामचीन अस्पताल केजीएमयू में सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए मरीज दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। आलम यह है कि अस्पताल प्रशासन सीएम फंड से मरीजों का इलाज करने में आनाकानी कर रहा है। यही नहीं इस फंड से दी जाने वाली दवाएं भी रोगियों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। वहीं शिकायत पर अधिकारी कार्रवाई का आश्वासन देकर मरीजों के परिजनों को टरका रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तरह-तरह से योजनाएं चला रही हैं। गरीब मरीजों को लाभ देने के लिए सीएम और पीएम फंड की स्थापना की गई है। इसके तहत मरीज के इलाज और उसकी दवाओं के लिए सरकार की ओर से अस्पताल प्रशासन को फंड दिया जाता है। लेकिन केजीएमयू में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें बैरंग लौटाया जा रहा है। इसके कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यही नहीं इसके कारण मरीज आए दिन हंगामा करते हैं। पिछले दिनों केजीएमयू के सीटी स्कैन सेंटर में मरीजों ने जमकर हंगामा किया था। मरीज फंड के तहत दवा लेने पहुंचे लेकिन उनको दवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्हें बहाना बनाकर टरकाया गया। इससे मरीजों के परिजनों ने हंगामा कर दिया था। लखनऊ निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि उनकी मामी आंकोलॉजी में भर्ती हैं। इलाज के लिए दवा लेनी है। वे तीन दिनों से सीएम फंड से दवा लेने के लिए दौड़ रहे हैं लेकिन पूरा दिन बैठाने के बाद भी दवा नहीं है कहकर लौटाया जा रहा है। कर्मचारी ने बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा है। वहीं बाराबंकी निवासी निसार अहमद को भी अपने बेटे के लिए दवा लेनी थी, लेकिन उनको भी दवा नहीं मिली। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आयुष्मान योजना में भी हीलाहवाली

केजीएमयू में आयुष्मान योजना के तहत गरीब मरीजों का इलाज करने में भी बेहद लापरवाही बरती जा रही है। आलम यह है कि मरीज गोल्डन कार्ड लेकर अस्पताल के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनको इलाज नहीं मिल पा रहा है।

फंड से मरीजों का इलाज किया जाता है। सभी को दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एसएन शंखवार, चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू

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