राजधानी में हाउस टैक्स बढ़ाने की तैयारी वाटर और सीवर कर में भी होगा इजाफा

  • सडक़ की चौड़ाई और भवन के आकार के हिसाब से होगी वृद्धि
  • अगले वित्तीय वर्ष में नई दरों को लागू करने जा रहा है नगर निगम
  • आपत्तियों की सुनवाई के लिए नोडल अफसरों को निर्देश जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में हाउस टैक्स बढ़ोत्तरी को लेकर नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। अगले वित्तीय वर्ष यानी एक अप्रैल 2020 से नगर निगम हाउस टैक्स की दरों में दो गुना तक वृद्धि करेगा। आपत्तियों की सुनवाई के लिए सभी जोनल अधिकारियों को पंद्रह दिन में सुनवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सुनवाई पूरी होने के बाद नई दरों का फाइनल प्रकाशन किया जा जाएगा। इसके अलावा वाटर और सीवर टैक्स में भी इजाफा करने की योजना है।
नगर निगम के मुख्य निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह के अनुसार कि हाउस टैक्स की नई दरों को एक अप्रैल 2020 से लागू किया जाना है। नई दरों को लेकर आपत्तियां मांगी गई थी। अब आपत्तियों की सुनवाई के लिए नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारियों को अधिकृत कर दिया है। इसी क्रम में जोनल अधिकारियों को पत्र भेजकर पंद्रह दिन में सुनवाई पूरी करने को कहा गया है, जिससे नई दरों की फाइनल सूची का प्रकाशन हो सके। नई दरों को लेकर अभी तक सबसे अधिक आपत्ति नगर निगम के जोन चार क्षेत्र (चिनहट और गोमतीनगर) से आई थीं। नियमों के तहत दस प्रतिशत आपत्तियों पर ही सुनवाई हो सकती है। इसके लिए मानकों को ध्यान मे रखते हुए सडक़ की चौड़ाई और निर्मित भवन के आकार के हिसाब से यह वृद्धि की जा रही है। इसका असर सडक़ की चौड़ाई (12 मीटर से कम चौड़ी, 12 से 24 मीटर चौड़ी व 24 मीटर से अधिक चौड़ी सडक़) के हिसाब से आरसीसी और आरबी (ईंट) वाले पक्के मकान, अन्य पक्का मकान कच्चा भवन और खाली पड़े भूखंड पर होगा। उदाहरण के तौर पर राममोहन राय वार्ड में लोकमान्य तिलक मार्ग, बटलर पैलेस कॉलोनी, मदन मोहन मालवीय मार्ग, गोखले मार्ग, प्राग नारायन रोड, लाजपत राय मार्ग, वजीर हसन रोड, राम मोहन राय मार्ग, राणा प्रताप मार्ग पर 24 मीटर से अधिक चौड़ी सडक़ पर आरसीसी और आरबी भवन का मासिक किराया दर 2.50 रुपये वर्गफीट था, जिसे बढ़ाकर चार रुपये किया गया है। इसी श्रेणी के भवन, जो 12 से 24 मीटर के मार्ग पर हैं, वहां की दर दो रुपये वर्गफीट थी, जिसे 3.75 रुपये वर्गफीट किया गया है। इसके अलावा वाटर टैक्स और सीवर टैक्स में भी इजाफा होगा।

जो 12 से 24 मीटर के मार्ग पर हैं, वहां की दर दो रुपये वर्गफीट थी, जिसे 3.75 रुपये वर्गफीट किया गया है। इसके अलावा वाटर टैक्स और सीवर टैक्स में भी इजाफा होगा।

इस पर भी पड़ेगा असर
वाटर टैक्स का निर्धारण हाउस टैक्स के वार्षिक मूल्य से तय होता है। वार्षिक मूल्य का साढ़े बारह प्रतिशत वाटर टैक्स और तीन प्रतिशत सीवर टैक्स देना होता है। अब नगर निगम ने हाउस टैक्स का वार्षिक किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है तो उसका प्रभाव जलकर और सीवर कर पर भी पडऩा तय है।

2010 से नहीं बढ़ाया गया टैक्स
वैसे हर दो साल में हाउस टैक्स में वृद्धि किए जाने का नियम है, लेकिन नगर निगम वर्ष 2010 के बाद से नई दरों को लागू करने जा रहा है। इसे नए वित्तीय वर्ष में लागू करने की योजना है।

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