भ्रष्टाचार पर सीएम योगी का कड़ा प्रहार, 7 PPF अफसरों को किया जबरन रिटायर

  • भ्रष्टïाचार और लापरवाही को लेकर की गई कार्रवाई, कई और भी रडार पर
  • स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार ने उठाया कदम, सभी की उम्र 50 से अधिक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भ्रष्टाचार तथा कार्य में लापरवाही को लेकर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने सात पीपीएस अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की है। इनको सेवा से ही खारिज कर दिया गया है। इनके खिलाफ जांच में गंभीर मामले सामने आए हैं। इन अफसरों की उम्र 50 व इससे अधिक थी। सरकार ने स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट पर निर्णय लेते हुए इन अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया है। इसके अलावा अन्य अधिकारी भी सरकार की रडार पर हैं।
भ्रष्टïाचार को लेकर सरकार ने आज सख्त कदम उठाते हुए सहायक सेनानायक 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा अरुण कुमार, फैजाबाद में डिप्टी एसपी विनोद कुमार राणा, आगरा में डिप्टी एसपी नरेंद्र सिंह राणा, सहायक सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी रतन कुमार यादव, सहायक सेनानायक 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर तेजवीर सिंह यादव, मंडलाधिकारी मुरादाबाद संतोष कुमार सिंह तथा सहायक सेनानायक 30वीं वाहिनी पीएसी गोंडा में कार्यरत तनवीर अहमद खां को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की गई है। इनके ऊपर कार्य में शिथिलता तथा अन्य कई आरोप लगे हैं। स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट पर इन अफसरों को सेवानिवृत्ति दी गई है।

गबन की आरोपी इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह समेत सात पर इनाम घोषित

योगी सरकार ने गाजियाबाद में 70 लाख के गबन की आरोपी फरार इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान पर 25 हजार का इनाम घोषित किया है। इसके अलावा छह अन्य पुलिसकर्मियों पर भी 25-25 हजार के इनाम की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में लक्ष्मी सिंह की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है और अदालत से उनके खिलाफ कुर्की का आदेश दिया है।

भ्रष्टïाचार के आरोप में हटाए गए प्रमुख वन संरक्षक पवन कुमार

योगी सरकार ने हजारों एकड़ सरकारी जमीन के हेरफेर मामले में प्रमुख वन संरक्षक (आईएफएस) पवन कुमार को पद से हटा दिया है। आरोप है कि आईएफएस पवन कुमार ने वन विभाग की सोनभद्र में स्थित जमीन में ये हेरफेर किया था। उन्होंने वन भूमि को गलत तरीके से जेपी ग्रुप को दी थी। जांच के बाद उन्हें पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है।

कभी भी आ सकता है अयोध्या पर फैसला सीजेआई रंजन गोगोई ने जस्टिस बोबडे को सौंपी मामलों की लिस्टिंग

  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 को हो रहे हैं रिटायर
  • अयोध्या पर अदालत ने फैसला रखा है सुरक्षित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अयोध्या, सबरीमाला और आरटीआई समेत कई अहम मामलों की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने जस्टिस एस.ए. बोबडे को अहम मामलों की लिस्टिंग का काम दे दिया है।
सीजेआई रंजन गोगोई ने अपने उत्तराधिकारी एस.ए. बोबडे को ऐसे सभी अहम मामलों की लिस्टिंग सौंपी है, जिनकी तत्काल सुनवाई की जानी है। ऐसे में स्पष्ट है कि अयोध्या जैसे संवेदनशील मामले पर जल्दी ही फैसला आ सकता है।

पीएफ घोटाले पर अखिलेश ने फिर बोला हमला, कहा सरकार बताए डीएचएफएल में कितना पैसा किया गया जमा

  • बिजली कर्मियों के भविष्य निधि के पैसे को लेकर उठाए सवाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के पीएफ घोटाले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि निजी कंपनी में पीएफ का कितना पैसा हस्तांतरित किया गया, सरकार इसका खुलासा करे।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि सरकार में विश्वास, पारदर्शिता और खुलापन होता है। सभी मनी ट्रांसफर आरटीजीएस के माध्यम से होते हैं और इनको बाकायदा दर्ज किया जाता है। सरकार को यह खुलासा करने की जरूरत है कि आरटीजीएस के माध्यम से यूपीपीसीएल पीएफ ट्रस्ट से डीएचएफएल को कितना पैसा हस्तांतरित किया गया। जनता इसका जवाब चाहती है।

Loading...
Pin It

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.