प्रदूषण और डेंगू की डबल मार से कराह उठी राजधानी

  • वायु प्रदूषण के कारण सांस और हृदय रोगियों की संख्या में तेजी से हुआ इजाफा
  • आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीज
  • प्रतिबंध के बावजूद जलाया जा रहा कूड़ा, जारी है निर्माण कार्य जिम्मेदार लापरवाह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। प्रदूषण और डेंगू की डबल मार से राजधानीवासी कराह उठे हैं। अस्पतालों में सांस और दिल के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। लोग आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। युवा और वृद्धों के अलावा बच्चे भी प्रदूषण की चपेट में आकर बीमार हो रहे है। वहीं प्रतिबंध के बावजूद कूड़ा जलाया जा रहा है और निर्माण कार्य जारी है। दूसरी ओर तमाम दावों के बावजूद डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
स्मॉग के चलते राजधानी का वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो गया है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोग सांस रोगों की चपेट में आ रहे हैं। पिछले चौबीस घंटे में यहां के विभिन्न अस्पतालों में ढाई सौ नए सांस रोगी इलाज के लिए पहुंचे हैं। सबसे अधिक मरीज बलरामपुर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। इसमें बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। इनको आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। इसी तरह सिविल अस्पताल, लोहिया संस्थान और केजीएमयू में भी मरीजों की कतार बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि प्रदूषण से बच्चे और युवा भी प्रभावित हो रहे हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है। दूसरी ओर डेंगू का प्रकोप भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिविल अस्पताल की पैथोलॉजी में डेंगू की जांच के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लगी हंै। सीएमओ दफ्तर से मिली रिपोर्ट के अनुसार अब तक जिले में 1250 से ज्यादा लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। इसमें छह लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इसमें वे रोगी नहीं शामिल हैं जो निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी प्रतिबंध के बावजूद राजधानी में कूड़ा जलाया जा रहा है और निर्माण कार्य जारी है।

 

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