करारी हार के बाद परेशान माया ने बदला संगठन का रूप

  • प्रदेश अध्यक्ष पद रहेगा बरकरार, उपचुनाव में बसपा नहीं खोल पाई थी खाता
  • कोऑर्डिनेटर पद समाप्त, जोनल इंचार्ज व मंडलवार व्यवस्था भंग
  • कार्यकर्ताओं को मिशन 2022 पर अभी से काम करने के दिए निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उपचुनाव में करारी शिकस्त मिलने से परेशान बसपा प्रमुख मायावती ने आज संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। मायावती ने कोऑर्डिनेटर के पद को खत्म कर दिया है। अब सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष का पद बरकरार रहेगा। इसके साथ ही संगठन में जोनल इंचार्ज और मंडलवार व्यवस्था को भी भंग कर दिया गया है।
लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित बसपा मुख्यालय पर हुई बैठक में मायावती ने उपचुनाव में मिली करारी शिकस्त की समीक्षा की। मायावती ने पूरे संगठन में व्यापक बदलाव किए हैं। बसपा में सेक्टर व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश के संगठन को 4 सेक्टरों में बांटा गया है। मायावती ने 5-5 मंडलों के 2-2 सेक्टर बनाए और 4-4 मंडलों के 2-2 सेक्टर बनाए। बैठक के दौरान मायावती ने 2022 के मद्देनजर अभी से तैयारी शुरू करने के लिए कार्यकर्ताओं को निर्देश भी दिए। मायावती ने बैठक में बूथ और सेक्टर कमेटियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं मायावती ने जलालपुर विधान सभा सीट पर हार के कारणों की पूरी रिपोर्ट भी तलब की है। गौरतलब है कि उपचुनाव में बसपा एक भी सीट नहीं जीत पाई थी।

इन जिलों को मिलाकर बनाया सेक्टर

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) मायावती ने लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ मंडल को एक सेक्टर में रखा है। दूसरे सेक्टर में आगरा, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट और झांसी मंडल को रखा गया है। तीसरे सेक्टर में इलाहाबाद, मिर्जापुर, फैजाबाद और देवीपाटन मंडल शामिल हैं। चौथे सेक्टर में वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और बस्ती शामिल हैं।

नेहरू मेमोरियल से कांग्रेस का साफ

  • भाजपा नेता अनिर्बन गांगुली, गीतकार प्रसून जोशी और पत्रकार रजत शर्मा को मिला मौका

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सांस्कृतिक मंत्रालय ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम व लाइब्रेरी सोसाइटी का पुनर्गठन किया है। नेहरू म्यूजियम सोसाइटी से कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े, करण सिंह और जयराम रमेश को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। कांग्रेस नेताओं की जगह भाजपा नेता अनिर्बन गांगुली, गीतकार प्रसून जोशी और पत्रकार रजत शर्मा को जगह मिली। इस सोसाइटी के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की याद में बनाया गया था। इस सोसाइटी के उपाध्यक्ष राजनाथ सिंह हैं जबकि गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सोसाइटी के सदस्य हैं। संस्कृति मंत्रालय से जारी नोटिफिकेशन के बाद इस मसले पर कांग्रेस व भाजपा में घमासान होने की उम्मीद है। भाजपा लगातार अलग-अलग मसलों को लेकर नेहरू और उनकी विरासत पर न सिर्फ सवाल उठाती रही है बल्कि हमलावर भी रही है।

कांग्रेस नेता ने सरकार की मंशा पर उठाये सवाल
नेहरू म्यूजियम लाइब्रेरी सोसाइटी से निकाले जाने के बाद उसके संस्थापक सदस्य और कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने कहा कि मुझे सरकार की मंशा पर शक है। नेहरू यहां 17 साल तक रहे और यह उनकी विरासत है। जो लोग नेहरू का नाम लेने से भी परहेज करते हैं, आज उन लोगों को सदस्य बना दिया। अब यह पूरी तरह से सरकारी संस्था बन गई है। यह राजनीतिक मंशा से किया गया है।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर CRPF  तैनात, अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

  • पुलिस और वकीलों के बीच मारपीट के मामले ने पकड़ा तूल
  • कोर्ट परिसर में दो वकीलों ने की खुदकुशी की कोशिश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर जहां कल दिल्ली के पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय पर धरना दिया था वहीं आज वकीलों ने यहां कोर्ट में जमकर प्रदर्शन किया। इस बीच दिल्ली के पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यहां सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस के जवानों ने कल पुलिस मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया था और आरोपी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। वहीं आज दिल्ली के विभिन्न कोर्ट परिसरों में वकीलों ने प्रदर्शन किया। रोहिणी कोर्ट में एक वकील ने आत्मदाह करने की कोशिश की है जबकि साकेत कोर्ट में एक वकील बिल्डिंग में चढ़ गया है और कूदकर जान दे देने की बात कही। वकील इस मामले में पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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