उपनिदेशक बनकर वरिष्ठï सहायक ने जारी किया दो स्कूलों में संविदा शिक्षकों के नवीनीकरण का आदेश

  • रिश्वत न मिलने पर एक स्कूल के 18 शिक्षकों का नवीनीकरण रोका
  • रिश्वत न मिलने पर वरिष्ठ सहायक शिक्षकों की संविदा खत्म कराने की धमकी भी दे रहा है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोंडा। समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक देवी पाटन मंडल के कार्यालय में तैनात एक वरिष्ठ सहायक ने गजब का कारनामा किया है। उसने उपनिदेशक बनकर न सिर्फ दो स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के नवीनीकरण का आदेश जारी कर दिया बल्कि उपनिदेशक का हस्ताक्षर भी बना दिया। लेकिन उसने विशंभरपुर में संचालित स्कूल के शिक्षकों का नवीनीकरण नहीं किया। जब विशंभरपुर के शिक्षकों ने अपने नवीनीकरण के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा तो पता चला कि वरिष्ठ सहायक ने उपनिदेशक बनकर दो स्कूलों के शिक्षकों का नवीनीकरण आदेश जारी कर दिया है। जब शिक्षक वरिष्ठ सहायक विश्वनाथ वर्मा के पास गए तो उसने नवीनीकरण के लिए रिश्वत की मांग की। आरोप है कि रिश्वत न मिलने पर वरिष्ठ सहायक शिक्षकों की संविदा खत्म कराने की धमकी भी दे रहा है।
समाज कल्याण विभाग सकरौरा, गोंडा व विशंभरपुर में तीन राजकीय आश्रम पद्धति स्कूलों का संचालन कर रहा है। इन स्कूलों में संविदा के आधार पर शिक्षकों की तैनाती है। प्रत्येक वर्ष जुलाई महीने में इनकी संविदा के नवीनीकरण की जिम्मेदारी उपनिदेशक समाज कल्याण देवी पाटन मंडल की है। लेकिन यहां के उपनिदेशक रहे जितेंद्र सिंह का डिमोशन हो जाने के कारण जुलाई से ही दफ्तर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में संविदा शिक्षकों का नवीनीकरण फंसा है। इस पर डीएम की अध्यक्षता वाली समिति ने अगस्त में संविदा नवीनीकरण के लिए विभाग को पत्र लिखा था। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी बीच उपनिदेशक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक विश्वनाथ वर्मा ने उपनिदेशक बनकर सकरौरा व गोंडा में संचालित स्कूलों के शिक्षकों का नवीनीकरण कर दिया। लेकिन विशंभरपुर में कार्यरत शिक्षकों का नवीनीकरण नहीं किया । छह माह पूर्व स्थानांतरित किया जा चुका है आरोपी सहायक

छह माह पूर्व स्थानांतरित किया जा चुका है आरोपी सहायक

समाज कल्याण उपनिदेशक कार्यालय में कार्यरत जिस वरिष्ठ सहायक विश्वनाथ वर्मा पर रिश्वत मांगने का आरोप है। उसका तबादला जून महीने में ही बस्ती जिले के लिए किया जा चुका है लेकिन अपने रसूख व अफसरों की कृपा की बदौलत वह अपनी कुर्सी पर अभी तक जमा हुआ है।

पटल सहायक विश्वनाथ के हस्ताक्षर से जारी किया गया नवीनीकरण आदेश मान्य नहीं है क्योंकि उसने विभाग को गुमराह करने का काम किया है। देवी पाटन मंडल के कमिश्नर को पूरी रिपोर्ट सौंपी जा रही है। साथ ही विभागीय अफसरों को भी इस संबंध में जानकारी दे दी गई है। जल्द ही नवीनीकरण का आदेश आने की उम्मीद है।
मोतीलाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी

 

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