एबीआरसी का कारनामा, घर बैठकर तैयार कर दी स्कूलों की अनुश्रवण रिपोर्ट

  • दीक्षा एप की पड़ताल से हुआ खुलासा, कार्रवाई की चेतावनी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोंडा। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार व अनुश्रवण के लिए विषय विशेषज्ञ के रूप में तैनात मुजेहना के एक एबीआरसी (ब्लाक सह समन्वयक) ने गजब का कारनामा किया है। एबीआरसी ने स्कूल जाने के बजाय घर बैठकर ही शिक्षा की गुणवत्ता की जांच पूरी ली और अनुश्रवण रिपोर्ट विभाग को भेज दी। एबीआरसी यह भूल गए कि अनुश्रवण के लिए विभाग की ओर से उन्हें दिया गया दीक्षा एप उनकी लोकेशन भी बता देगा। रिपोर्ट की मिलान जब दीक्षा एप से कराई गई तो हकीकत सामने आ गई। पता चला कि बिना स्कूल गए उन्होंने स्कूलों का अनुश्रवण कर दिया। बीएसए ने उन्हें फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसी रिपोर्ट न भेजने और कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग में परिषदीय स्कूलों के शिक्षक की गुणवत्ता का अनुश्रवण करने व उसमें सुधार करने के लिए विषय विशेषज्ञ के रूप में ब्लाक सह समन्वयक की तैनाती है। सह समन्वयकों को प्रति माह अपने क्षेत्र के 30 स्कूलों में जाकर वहां की शिक्षा व्यवस्था का अनुश्रवण करना है। यदि किसी विषय में शिक्षक को समस्या आ रही है तो उसका भी समाधान विषय विशेषज्ञ के रूप मे तैनात एबीआरसी के जिम्मे है। दीक्षा एप के माध्यम से इस अनुश्रवण की आनलाइन रिपोर्ट विभाग को भेजी जानी है। मुजेहना ब्लाक संसाधन केंद्र पर वरिष्ठ ब्लाक सह समन्वयक (एबीआरसी ) के रूप में तैनात शिवशंकर वर्मा अगस्त माह में बिना किसी स्कूल गए घर बैठकर अनुश्रवण रिपोर्ट तैयार कर ली और उसे दीक्षा एप पर अपलोड कर दिया। जब एबीआरसी की बैठक में इस एप के डैशबोर्ड की पड़ताल की गई तो शिवशंकर वर्मा के कारनामे की पोल खुल गई। इस पर बीएसए मनिराम सिंह ने उन्हें फटकार लगाई और भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं एबीआरसी विजय शंकर श्रीवास्तव व शरद कुमार शुक्ला, बेनी प्रसाद वर्मा व आस्था मिश्रा का कार्य भी खराब पाया गया।

तीन एबीआरसी ने छोड़ा पद
समीक्षा में शिथिलता पाए जाने पर बीएसए की नाराजगी के बाद तीन एबीआरसी ने अपना पद छोड़ दिया है। इसमें छपिया की सीमा तिवारी, पंडरीकृपाल के अंबरीष कुमार व पवन कुमार गुप्ता ने अपने एबीआरसी पद से इस्तीफा दे दिया है। बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर उन्हें उनके मूल विद्यालयों में वापस कर दिया गया है।

Loading...
Pin It

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.