समाज कल्याण अधिकारी दबाए बैठे हैं वित्तीय अनियमितता की जांच

  • एक माह पूर्व डीएम ने सौंपी थी सात ग्राम पंचायतों की वित्तीय जांच की जिम्मेदारी
  • शिथिलता से टूट रहा शिकायतकर्ताओं का मनोबल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोंडा। गांव में विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत पर अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। डीएम का आदेश भी जांच अफसरों पर बेअसर है। डीएम का एक आदेश जिला समाज कल्याण अधिकारी दबाए बैठे हैं। सात ग्राम पंचायतों की जांच इनके जिम्मे है लेकिन अब तक एक की भी जांच पूरी नहीं कर सके हैं। बहाना यह कि जिम्मेदार अभिलेख नहीं दे रहे हैं। अफसरों के इस रवैये से अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाने वाले शिकायतकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है।
विकास खंड हलधरमऊ की ग्राम पंचायत भटनइया, चकसनिया, पतिसा, कैथोला, परसा गोंडरी, निंदूरा व पिपरी राउत के ग्रामीणों ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गांव में बिना विकास काम कराए ही ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने मिलीभगत कर सरकारी पैसा हड़प लिया है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम डॉ. नितिन बंसल ने इन ग्राम पंचायतों की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल को सौंपी है। डीएम ने विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर सत्यापन करने का निर्देश दिया है लेकिन डीएम का यह आदेश जांच अधिकारी बनाए गए समाज कल्याण अधिकारी पर बेअसर है। वह डीएम का आदेश ही दबाए बैठे हैं। एक माह बीतने के बावजूद वह अब तक इन गांवों की जांच नहीं शुरू कर सके हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी को इस शिथिलता से अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाने वाले शिकायतकर्ताओं का हौसला टूट रहा है। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल ने बताया कि उन्हें जांच के लिए अभिलेख ही नहीं मिल रहे हैं। अभिलेख के लिए खंड विकास अधिकारी से पत्राचार किया जा रहा है। अभिलेख मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी।

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