जेलों में अराजकता को बढ़ावा दे रहा लचर सुरक्षा तंत्र

सवाल उठता है कि जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बनाये गये नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा? जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और मुलाकातियों का ब्यौरा दर्ज करने में लापरवाही क्यों बरती जाती है? जेल में बंद कैदी से पूछताछ करने के दौरान नियम तोडऩे वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं होती?

Sanjay Sharma

प्रदेश की जेलों को अपराधियों की आरामगाह माना जाने लगा है। सरकार और पुलिस जेल के अंदर सुरक्षा तंत्र चाहे जितना चाक चौबंद करने के दावे कर ले कैदी उसमें सेंध लगाने में कामयाब हो ही जाते हैं। पूर्वांचल के चर्चित डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या उसी लापरवाही का नतीजा है। कैदियों को जेल के भीतर के लगभग सारे राज पता होते हैं, जिनका वे बखूबी लाभ उठाते हैं। यहां बर्चस्व की लड़ाई और कैदियों के साथ किए जाने वाले बुरे व्यवहार के कारण प्रदेश की कोई न कोई जेल हमेशा चर्चा में रहती ही है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर की जेल में कैदी की पिटाई के कारण ऐसी अराजकता फैली कि कई घंटों तक कैदियों ने जेल परिसर में तांडव मचाया। डिप्टी जेलर समेत कई पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह पूरे मामले की जांच का आश्वासन देकर कैदियों को शांत कराया। लेकिन कैदी अभी पूरी तरह से शांत नहीं हैं।
सवाल उठता है कि जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बनाये गये नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा? जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और मुलाकातियों का ब्यौरा दर्ज करने में लापरवाही क्यों बरती जाती है? जेल में बंद कैदी से पूछताछ करने के दौरान नियम तोडऩे वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं होती? जेलों में बंद कैदी पार्टी करके उसकी फोटो सोशल मीडिया पर डालते हैं,तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? जो चीजें प्रतिबंधित हैं, उनका इस्तेमाल जेल में बंद कैदी कैसे करते हैं? जाहिर सी बात है, ऐसा तभी संभव है, जब जेल का कोई अधिकारी या कर्मचारी कैदियों से मिला हो। जेल के जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह हों। जेलों में बंद कैदियों ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। उनमें आरोप लगाया गया था कि जेलकर्मी हर सुविधा का शुल्क लेते हैं। ऐसे में सरकार के सामने जितनी बड़ी चुनौती कैदियों को सुधारने और जेलों में हो रही अराजकता से निपटने की है। उससे अधिक चिंता की बात जेलकर्मियों में छिपे उन भ्रष्ट लोगों को पहचानना है, जो अराजकता के लिए जिम्मेदार हैं। जिनकी वजह से सरकार जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था कायम करने में सफल नहीं हो पा रही है। सरकार को जेलों का सुरक्षा तंत्र मजबूत करने के साथ ही वहां बंद कैदियों में जो अच्छे लोग हैं, उनका सहयोग लेकर माहौल बेहतर बनाना होगा। कैदियों को वे सुविधाएं दिलानी होंगी, जिनके वे हकदार हैं। वहीं दूसरी ओर जो लोग कुछ पैसों की लालच में नियमों को तोड़ते हैं, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई करनी होगी। तभी जेलों में शांति व्यवस्था कायम होगी।

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