महापौर संयुक्ता भाटिया को ठेंगा दिखा रहे लखनऊ नगर निगम के अफसर

  • बार-बार मांगने के बावजूद आय-व्यय का ब्यौरा नहीं दे रहा लेखा विभाग
  • लेखा विभाग का औचक निरीक्षण करने के साथ ही दर्जनों बार मांग चुकी हैं ब्यौरा
  • गड़बड़ी की तमाम शिकायतें मिलने के बाद महापौर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाये कड़े कदम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने का एजेंडा लेकर यूपी में सरकार बनाने वाली भाजपा के दावों की हवा उसी की सरकार में उच्च पदों पर बैठे अफसर निकाल रहे हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ की महापौर ने भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेकर लेखा विभाग में छापा मारने के साथ ही आय-व्यय का ब्यौरा मांगा तो अफसर एकजुट हो गये। उनकी दर्जनों नोटिसों के बावजूद आय-व्यय का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं मुख्यालय में चर्चा है कि जब अफसर महापौर की नहीं सुन रहे तो आम जनता की समस्याओं को लेकर क्या करते होंगे, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
महापौर लगातार मिल रही शिकायतों के कारण पिछले कई महीनों से लेखा विभाग से आय-व्यय का ब्यौरा मांग रही हैं, लेकिन उनके आदेश को निगम के अफसर लगातार ठेंगा दिखा रहे हैं। जबकि यह मामला नगर आयुक्त से लेकर लेखाधिकारी तक सभी अफसरों के संज्ञान में है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर लखनऊ नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार पर रोक कब लगेगी। नगर निगम के लेखा विभाग में पिछले दिनों औचक निरीक्षण में मिली अनेकों गड़बडिय़ों पर जवाब न मिलने पर महापौर ने एक बार फिर नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने आय-व्यय का ब्यौरा यथाशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि लगातार मिल रही शिकायतों पर महापौर संयुक्ता भाटिया ने गत 23 सितम्बर को लेखा विभाग का औचक निरीक्षण किया था। निजी सीए के माध्यम से हुई जांच में कई वित्तीय अनियमितताएं प्रकाश में आयी थीं। इसमें कैंश बुक, मदवार भुगतान का ब्यौरा, मदवार देनदारी की सूची व अन्य दस्तावेज अपडेट नहीं थे। कई जगह कटिंग और ओवरराइटिंग मिली थी। महापौर ने लेखाधिकारी से 18 बिंदुओं पर जवाब मांगा तो उन्होंने 10 दिनों का समय मांगा था। फिलहाल 16 दिन बाद भी महापौर को ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए महापौर ने वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अपनी ही सरकार में महापौर संयुक्ता भाटिया की सुनने वाला कोई नहीं है।

नये विभाग में संचालित होगी मेडिसिन की ओपीडी

  • लोहिया संस्थान की व्यवस्थाओं में बदलाव जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लोहिया संस्थान में लोहिया अस्पताल के विलय के बाद से ही व्यवस्थाओं में बदलाव जारी है। अब सोमवार से हड्डी और मेडिसिन विभाग की ओपीडी नए विभाग में संचालित होगी। लोहिया संस्थान प्रशासन ने हॉस्पिटल ब्लॉक स्थित चार मंजिला भवन का जायजा लेने के बाद हड्डी और मेडिसिन विभाग की ओपीडी को शिफ्ट करने का निर्णय लिया। लोहिया संस्थान में अभी तीन स्थानों पर ओपीडी का संचालन हो रहा है। पहली लोहिया अस्पताल में सामान्य बीमारियों की ओपीडी चल रही है। दूसरी लोहिया संस्थान में सुपर स्पेशियालिटी विभागों की ओपीडी चल रही है। तीसरी मातृ शिशु एवं रेफरल हॉस्पिटल में ओपीडी चल रही है। संस्थान में पांच विभागों की ओपीडी बंद कर दी गई। उसे हॉस्पिटल ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी ने बताया कि मेडिसिन व हड्डी रोग विभाग में सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। रोजाना दोनों विभागों में 1500 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं।

डेंगू: मरीजों का आंकड़ा पंहुचा 400 के पार

  • सरकारी और निजी अस्पतालों में 19 नये मरीज भर्ती

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में लगातार डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सीएमओ दफ्तर से जारी सूची के अनुसार 19 नए मरीज सामने आये हैं। इनमें दो मरीजों का सरकारी और एक का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बाकी मरीजों का इलाज घर पर हो रहा है। एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक जिले में खदरा, तकरोही, कुर्सी रोड, आट्र्स कॉलेज, मोहनलालगंज, तेलीबाग, गोमतीनगर, मल्हौर, इंदिरानगर, बंग्ला बाजार, मलिहाबाद और जानकीपुरम में रहने वाले 19 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब तक 400 से ज्यादा डेंगू के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कालीबाड़ी, तकरोही, शिक्षा निदेशालय कॉलोनी, विकास नगर और इंदिरानगर के 1845 घरों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 31 घरों में डेंगू मच्छर के लार्वा पाए गए। क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

 

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