टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए डोर-टू डोर कुंडी खटखटाएगा स्वास्थ्य विभाग

  • 10 दिन में 5 लाख 30 हजार लोगों की होगी टीबी की स्क्रीनिंग
  • 265 टीमों ने शुरू किया ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्क्रीनिंग का काम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग टीबी के मरीजों की खोज के लिए डोर टू डोर अभियान चलाएगा। इसके लिए सीएमओ दफ्तर से 265 टीमों को गठित कर दिया गया है। साथ ही इन्हें लीड करने के लिए 53 सुपरवाइजर रखे गये हैं। जिन्होंने अपना कार्य शुरू कर दिया है। ये सभी टीमें 10 से 23 अक्टूबर तक टीबी के मरीजों की तलाश करेंगी। इन टीमों को रोजाना 50 घरों को कवर करने का आदेश दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सघन क्षय रोग खोज अभियान के दौरान 10 दिन में 5 लाख 30 हजार व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। शहरी क्षेत्र के 3 लाख 30 हजार व्यक्तियों व ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख व्यक्तियों की स्क्रीनिंग होगी। स्क्रीनिंग के दौरान क्षय रोग के लक्षण मिलने पर बलगम की जांच व अन्य आवश्यक जांचें कराई जाएंगी। अभियान टीबी यूनिटों के माध्यम से संचालित होगा तथा संबंधित टीबी यूनिट के एसटीएस द्वारा इसकी रिपोर्टिंग हर दिन की जाएगी। टीम का सबसे अधिक ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों और टाउन एरिया पर रहेगा, जहां बहुत से लोग टीबी के लक्षणों की जानकारी नहीं होने के कारण बीमारी गंभीर होने की स्थिति में अस्पताल पहुंचते हैं, जो उनके लिए कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।
टीम द्वारा जिन लोगो की स्क्रीनिंग की जाएगी उनका डेटा भारत सरकार के संबंधित वेब पेज और पोर्टल पर भी अपडेट किया जाएगा। इसके लिए लखनऊ में 124 आरएनटीसीपी कर्मचारियों को नि:क्षय वर्जन-2 का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीके सिंह ने बताया कि सक्रिय खोज अभियान के अंतर्गत 53 एसीएफ सुपरवाइजर तथा 265 टीम घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेगी।

18551 रोगी हुए चिन्हित
डॉ. बीके सिंह ने बताया कि जिले में अब तक वर्ष 2019 में 18551 क्षय रोगियों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि उपचार पर रखे गए मरीजों को नि:क्षय पोषण योजना का भुगतान किया जा रहा है। निजी क्षेत्रों में उपचार पर रखे गए मरीजों में डीबीटी के माध्यम से नि: क्षय पोषण योजना के अंतर्गत 22 लाख तथा सरकारी क्षेत्र के क्षय रोगियों को दो करोड़ 59 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।

स्क्रीनिंग में मिले 14600 मरीज

स्वास्थ विभाग की तरफ से कराई जा रही स्क्रीनिंग में अब तक कुल 14 हजार 6 सौ मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई है, जिनका इलाज हो रहा है। इन मरीजों को इलाज के कितने प्रतिशत लाभ हो रहा है, इसकी डिटेल भी फीडबैक के रूप में ली जा रही है।

इन सवालों से होगी मरीजों की पहचान
दो हफ्ते से लगातार खांसी
वजन में लगातार गिरावट
रात में पसीना आना
भूख न लगना
बुखार आना

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