भाजपा को संविधान व कानून पर विश्वास नहीं: अखिलेश

  • चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उठाये सवाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे वरिष्ठ नेताओं ने लखनऊ और दिल्ली में मिलकर रामपुर के डीएम-एसपी को बदलने की मांग की थी लेकिन वही अधिकारी चुनाव करा रहे हैं। इसी तरह राम मंदिर को लेकर हमें कोर्ट का हर फैसला स्वीकार है लेकिन भाजपा को संविधान व कानून पर विश्वास नहीं है। आखिर सीएम को पहले से कैसे पता है कि क्या फैसला आएगा। इतना ही नहीं स्वेदशी अपनाने का दावा करने वाले निजीकरण कर रहे हैं। इसका सबसे अधिक नुकसान दलितों-पिछड़ों का होगा। उनका नौकरी व सम्मान छीनने की साजिश है।
अखिलेश ने यूपी विधानसभा का विशेष सत्र लगातार 36 घंटे तक चलाए जाने की आलोचना की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हम-आप इंसान हैं। कुछ समय बाद खाना पड़ता है। आराम करना पड़ता है, जब शरीर दिमाग काम नहीं करेगा तो आप क्या काम करेंगे! सत्र चलाना ही था तो एक हफ्ते चला लेते। यह अच्छी परम्परा नहीं है। सबको थका कर क्या हासिल करेंगे! यह भी कहा कि न सोने-बैठने की वजह से ही सरकार सदन में गलत-बयानी कर रही थी क्योंकि उनका दिमाग काम ही नहीं कर रहा था। वहीं ये हर काम रात में ही क्यों करना चाहते हैं समझ में नहीं आता। रात में नोटबंदी की थी उसका असर देख लीजिए।

रमाकांत यादव समेत कई नेता सपा में शामिल

लखनऊ। अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय पर आयोजित एक कार्यक्रम में चार बार विधायक और चार बार सांसद रह चुके रमाकांत यादव के साथ बसपा के पूर्व एमएलसी अतहर खां, पूर्व सांसद फूलनदेवी की बहन रुक्मिणी देवी निषाद सहित बसपा के कई नेताओं व कई जिलों के कार्यकर्ताओं को सपा में शामिल करवाया। रमाकांत की वापसी के मौके पर आजमगढ़ से सपा के सभी विधायक व प्रमुख नेता भी मौजूद थे। इस दौरान सपा विधायक आलम बदी ने रमाकांत को नसीहत भी दी कि अब आए हैं तो ताउम्र अखिलेश का हाथ मत छोडि़एगा। इस दौरान सपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने सपा परिवार को गिले-शिकवे दूर कर एक होने और अखिलेश को पूरे देश का दौरा करने की अपील की। सपा में वापसी पर रमांकात ने कहा, घर आ गया हूं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी परिवार अभी और बढ़ेगा।

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