क्या खनन की वसूली के लिये पुलिस ने मार दी थी गोली पुष्पेन्द्र को, अखिलेश जायेंगे झॉसी

  • खुद अपनी थ्यौरी में फंसी झांसी पुलिस, फरार बाइक मालिक निकला सीआईएसएफ जवान
  • वसूली का विरोध करने पर पुष्पेंद्र का हुआ था इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान से विवाद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पुष्पेंद्र एनकाउंट मामले में पुलिस घिर गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या खनन की वसूली को लेकर पुलिस ने पुष्पेंद्र को गोली मार दी है। एनकाउंटर को लेकर परिजन आक्रोशित हैं। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव एनकांउटर में मारे गए पुष्पेंद्र के परिजनों से मुलाकात करने झांसी जाएंगे।
झांसी पुलिस ने वसूली नहीं देने पर एक युवक की जान ले ली। बताया जा रहा है कि पुष्पेंद्र का एनकाउंटर करने वाले इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान से वसूली को लेकर विवाद हुआ था। इंस्पेक्टर ने पुष्पेंद्र के ट्रक को सीज कर दिया था। इस पर पुष्पेंद्र कोर्ट से रिलीज आर्डर लेकर पहुंचा। रिलीज आर्डर के बाद भी इंस्पेक्टर ने उससे पैसों की मांग की। इंकार करने पर इंस्पेक्टर ने उसे गोली मार दी और फर्जी तरीके से उसे लुटेरा बताकर एनकाउंटर कर दिया जबकि पुष्पेंद्र के नाम एक भी एफआईआर तक दर्ज नहीं है। खुद झांसी पुलिस अपने एनकाउंटर की थ्योरी में फंस गई है। पुलिस ने जिस वाहन से पुष्पेंद्र को भागना बताया और वाहन मालिक को भी फरार दिखाया है। वह वाहन दिल्ली मेट्रो में ड्यूटी कर रहे सीआईएसएफ जवान रविंद्र की है। एसएसपी डॉ.ओपी सिंह के अनुसार गुरसराय क्षेत्र में पुलिस ने कार को रोका तो सवारों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाइ्र में पुष्पेंद्र के सिर में गोली लगी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नौ अक्टूबर को झांसी एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिजनों से मिलने झांसी के करगुआ खुर्द जाएंगे।

मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
झांसी में हुए पुष्पेन्द्र एनकाउंटर के विवादित मामले को बढ़ता देख जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये हैं। वहीं पुष्पेंद्र एनकाउंटर में अभी तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। मौके पर भारी पुलिस बल और परिजन व अन्य लोग मौजूद हैं।

अयोध्या विवाद पर सभी को करना होगा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान

  • राम पर खुशखबरी को लेकर दिए अपने बयान पर सीएम ने दी सफाई, कहा
  • सैकड़ों वर्षों से चले आ रहे विवाद का होना चाहिए अंत
  • अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर दिया था खुशखबरी का बयान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राममंदिर पर जल्द मिलने वाली खुशखबरी के अपने बयान पर आज सफाई दी है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका बयान अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव को लेकर था लेकिन प्रदेश में अराजकता का प्रतीक बन चुके लोगों से नकारात्मकता के अलावा सकारात्मकता की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ऐसे लोगों से सकारात्मक सोच और कार्य करने पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। हमें माननीय सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास है। जब बातचीत से हल नहीं निकल सकता है तो सैकड़ों वर्षों से चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप होना चाहिए। सभी को न्यायालय के फैसले का सम्मान करना होगा।
उन्होंने कहा कि दीपावली पर अयोध्या में दीपोत्सव सहित अन्य आयोजन होते हैं। भगवान राम हमारे पूज्य हैं। ये हर किसी का त्योहार है। उन्होंने कहा कि सरकार का जोर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर है। शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। विवाह अनुदान राशि को बढ़ाकर 51000 किया गया है। सरकार जल्द ही कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत करेगी। इसके तहत कन्याओं को कक्षा एक से स्नातक तक15 हजार की सहायता की जाएगी। हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में आयोजित रामकथा के कार्यक्रम में कहा था कि बहुत जल्द भगवान राम से जुड़ी बड़ी खुशखबरी मिलेगी। हालांकि उन्होंने रामजन्म भूमि पर राममंदिर निर्माण का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया था।

सीएम ने की शक्ति आराधना, किया कन्या पूजन
नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मां सिद्धिदात्री की आराधना की। सीएम ने कुंवारी कन्याओं के पांव पखार कर उनका पूजन कर भोजन कराया।

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