जीवन के लिए खतरा बन चुकी है प्लास्टिक: योगी

  • कहा, प्लास्टिक से मुक्ति पाये बिना पर्यावरण संरक्षण मुश्किल
  • गांधी जयंती पर जनता से की प्लास्टिक मुक्त प्रदेश बनाने की अपील

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्लास्टिक मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान में सडक़ पर पड़े प्लास्टिक के कूड़े को खुद उठाया। जनता से प्लास्टिक का जीवन से परित्याग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक जीवन के लिए खतरा बन चुकी है। इससे मुक्ति पाए बिना न तो पर्यावरण का संरक्षण हो सकता है और न जीवन पर मंडरा रहा संकट दूर हो सकता है।
गांधी जयंती पर नगर निगम द्वारा 1090 चौराहा पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्लास्टिक वेस्ट संग्रह श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीजी के स्वच्छ भारत के सपनों को साकार करने का प्रयास है। खाद्य सामग्री को ले जाने या रखने में प्लास्टिक का इस्तेमाल हो रहा है। यह कैंसर जैसी घातक बीमारी का प्रमुख कारण है। वैज्ञानिकों ने इसे साबित कर दिया है। प्रयोग के बाद से सडक़ पर फेंकने से नगरीय सुविधाएं प्रभावित हो रही है। नालियां व सीवर लाइनें चोक हो रही हैं। कितनी ही बार झाड़ू लगाई जाए उडक़र वह दोबारा सडक़ पर आ रही है। प्लास्टिक नष्ट न होने के कारण भूजल रिचार्ज को भी प्रभावित कर रही है। पशुधन पर खतरा बढ़ गया है। गायों के पेट से 10-15 किलो पॉलिथीन निकल रही है। इस मौके पर सीएम ने लोगों को पॉलिथीन का त्याग करने की शपथ दिलाते हुए कहा कि घर, विद्यालय, कार्यस्थल व समारोह के दौरान प्लास्टिक अथवा थर्माकोल से निर्मित कप, प्लेट, गिलास चम्मच आदि का प्रयोग न करने का प्रण लें। जिस दिन प्रदेश का हर व्यक्ति प्लास्टिक का त्याग करने को सक्रिय हो जाएगा उस दिन प्लास्टिक खत्म हो जाएगी। वहीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी लोगों को स्वच्छ रखने के लाभों की जानकारी दी और कहा कि जो लोग स्वच्छता का ध्यान रखते हैं, वे कम बीमार होते हैं। इस दौरान नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, जलशक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया,

विधायक डॉ. नीरज बोरा, अविनाश त्रिवेदी, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार, नगर आयुक्त डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

 

 

 

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