बाढ़ प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंच पा रही राहत: अखिलेश यादव

  • कहा, सरकार की संवेदनहीनता का दंश झेलने को मजबूर हैं लोग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा राज में जनता को सिवाय तबाही और परेशानी के कुछ हासिल नहीं होने वाला है। सरकारी संवेदनहीनता के कारण कई जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों तक न तो राहत पहुंच रही है और न ही बचाव कार्य हो रहे हैं।
अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त है, आम जनता त्रस्त है। नदियां उफान पर हैं, खेत गांव, मकान सब जलमग्न हैं। अब तक सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी है। कई जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत पहुंच रही है और न ही बचाव कार्य हो रहे हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में बीमारों का इलाज नहीं हो रहा है। जनता त्रस्त है, लेकिन मुख्यमंत्री ने बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण कर अपने कर्तव्यों की इति श्री कर ली है। सपा मुखिया ने कहा कि शासन-प्रशासन को सतर्कता बरतते हुए पहले ही आपदा प्रबंधन की तैयारी कर लेनी चाहिए थी, लेकिन भाजपा सरकार को तो जनसमस्याओं का ध्यान ही नहीं रहता है, उसको तो बस समाज को बांटने, नफरत फैलाने और किसी भी तरह वोट बटोरने की ही चिंता रहती है।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य करेंगे टेंडर में गड़बड़ी की जांच: जय प्रताप

34 जिला अस्पतालों में उपकरण खरीद में धांधली का मामला

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश के 34 जिला अस्पतालों में मदर एंड चाइल्ड विंग के लिए मॉनिटर खरीद में धांधली की जांच प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) को सौंपी गई है। क्योंकि ड्रग कॉरपोरेशन ने गलत तरीके से टेंडर कर चहेती फर्म को फायदा पहुंचाया है। इस मामले की जांच का मकसद उपकरणों की खरीद में धांधली करने वालों को बेनकाब करना और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर विभाग को कड़े संदेश देना है।
मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग के लिए 500 मल्टी पैरा मॉनिटर विद सीएनएस के लिए करीब 15 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ था। आरोप है कि ड्रग कॉरपोरेशन के अफसरों ने उपकरणों की खरीद के लिए चार बार टेंडर प्रक्रिया करवाई और सभी कंपनियों के हर बार खामियां निकालकर बाहर कर दिया। वहीं, पांचवीं बार में सिर्फ चहेती फर्म को टेंडर में शामिल कर उसे कॉन्ट्रैक्ट दे दिया गया था। निजी कंपनी की ओर से इसकी शिकायत सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से की गई थी। इसलिए मामले को गंभीरता से लेकर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने प्रमुख सचिव को जांच दे दी है।

 

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