हाल-ए-केजीएमयू: गंभीर रोगियों को नहीं मिल रहीं पीएम और सीएम फंड से दवाएं

  • बाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं रोगी
  • अधिकारियों के चक्कर काट रहे तीमारदार
  • सरकार के आदेशों का भी नहीं पड़ा असर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सरकार के तमाम दावों के बावजूद प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आती नहीं दिख रही हैं। राजधानी के नामचीन अस्पताल केजीएमयू में गंभीर रोगियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। यहां मरीजों को पीएम और सीएम फंड से दी जाने वाली निशुल्क दवाएं नहीं मिल रही हैं। इसके कारण मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही है। मरीजों के तीमारदार फंड से दवाओं की उपलब्धता के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
केजीएमयू में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसमें तमाम मरीज गंभीर रोगों से ग्रसित होते हैं। ऐसे मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पीएम और सीएम फंड बना रखा है। इस फंड के जरिए रोगियों को दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं क्योंकि गंभीर रोगों के इलाज में काम आने वाली दवाएं बाजार में बेहद महंगी मिलती हैं। इसका सबसे अधिक असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है। सरकार की ओर से गुणवत्ता युक्त इलाज के निर्देश भी जारी किए गए है। बावजूद इसका कोई असर केजीएमयू प्रशासन पर पड़ता नहीं दिख रहा है। हालत यह है कि फंड होने के बावजूद मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। दवाओं के लिए मरीजों के तीमारदार अधिकारियों की मिन्नतें कर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार बहाने बनाकर मरीजों और तीमारदारों को टरका रहे हैं। गौरतलब है कि केजीएमयू में पीएम और सीएम फंंड से असाध्य बीमारियों के उपचार के लिए दवाएं निशुल्क दी जाती हैं। यही नहीं मरीजों की जांच तक की सुविधा निशुल्क होती है। तीमारदारों का आरोप है कि एक पखवाड़े से मरीजों को दवाएं नहीं दी जा रही है। दवाएं न मिलने से मरीजों की जरूरी दवा बाहर से लानी पड़ती है। यह स्थिति तब है जब सरकार ने प्रदेश में गुणवत्ता युक्त चिकित्सा और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश जारी कर रखे हैं।

केस एक

बराबंकी के रहने वाले पवन का इलाज केजीएमयू में चल रहा है। उनको सीएम फंड से दवाएं दी जाती थीं। उनका कहना है कि पिछले पंद्रह दिन से दवाएं नहीं मिल रही हैं। अधिकारी बहाने बनाकर लौटा देते हैं। वे दवा के लिए रोज अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।

केस दो

काकोरी की रहने वाली ऊषा कैंसर से पीडि़त हैं। वह अपने पिता साथ कई दिनों से दवाओं के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रही है। उनका कहना है कि डेढ़ सप्ताह वे यहां आ रही है, लेकिन दवाएं अभी तक नहीं मिलीं।

सभी मरीजों को दवाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एस.एन शंखवार सीएमएस, केजीएमयू

 

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