पाक ने बालाकोट में फिर खड़ा किया आतंकी कैंप: बिपिन रावत

  • कहा, सीमा पार से 500 आतंकियों की घुसपैठ कराने की तैयारी

चेन्नई। पाकिस्तान ने एकबार फिर बालाकोट में आतंकी ठिकानों को सक्रिय कर दिया है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने इसको लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान ने एकबार फिर बालाकोट में आतंकी कैंप सक्रिय कर दिए हैं। इस रास्ते से पाकिस्तान लगभग 500 आतंकियों की घुसपैठ कराने की तैयारी जोर-शोर से कर रहा है।
आर्मी चीफ से सवाल किया गया था कि क्या पाकिस्तान ने पीओके में नए आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय किए हैं। इस सवाल के जवाब में जनरल बिपिन रावत ने कहा कि मैं आपको बता दूं, बालाकोट को पाकिस्तान ने हाल ही में फिर से सक्रिय किया है। यह इस बात को दर्शाता है कि बालाकोट तबाह हुआ था और यही कारण था कि आतंकी वहां से भाग गए थे और अब उसे दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश के ठिकानों को तबाह किया था लेकिन वहां फिर से आतंकी कैंप खड़े हो गए हैं। बता दें, इसी साल 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर दिया। भारत ने जैश के आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर बम बरसाए थे, जिसमें कथित तौर पर कई आतंकी मारे गए थे। लेकिन पाकिस्तान ने भारत के इस दावे को झूठा बताते हुए कहा था कि वहां कोई आतंकी ठिकाना नहीं था। अब एकबार फिर आतंकी ठिकाने सक्रिय होने की खबर आने के बाद पाकिस्तान का झूठ सबके सामने आ गया है।

घुसपैठियों को मिलेगा करारा जवाब

जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा कि वो आतंकवादियों को हमारे इलाके में घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर उल्लंघन करता है। लेकिन हम सीजफायर उल्लंघन से निपटना जानते हैं। हमारे सैनिकों को पता है कि कैसे इन हालातों में दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई करनी है। हम सतर्क हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया जाए।

चिन्मयानंद पीजीआई में भर्ती

  • हार्ट और डायबिटीज की समस्या के कारण भेजा गया अस्पताल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एसएस लॉ कॉलेज शाहजहांपुर की छात्रा के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोप में जेल भेजे गए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को इलाज के लिए पीजीआई में भर्ती कराया गया है। उन्हें अपने ही कॉलेज की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजा गया है। चिन्मयानंद को हार्ट और डायबिटीज की समस्या थी। इसलिए एंजियोग्राफी कराने के लिए उन्हें जिला कारागार शाहजहांपुर से पीजीआई लखनऊ भेजा गया। जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया है।
चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए पीडि़त छात्रा अपने पिता और भाई के साथ प्रयागराज पहुंच गई है। माना जा रहा है कि छात्रा अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल करेगी। अग्रिम जमानत न मिलने की स्थिति में छात्रा की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। गौरतलब है कि शुक्रवार को एसआईटी ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, रंगदारी मामले में छात्रा के दोस्त संजय, विक्रम और सचिन को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस मामले में एसआईटी ने छात्रा को भी दोषी पाया है। लिहाजा, गिरफ्तारी से बचने के लिए छात्रा अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में जुटी है। फिलहाल आज जस्टिस मनोज मिश्र और जस्टिस मंजूरानी चौहान की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट में पीडि़ता और उसके परिवार वाले भी अपना पक्ष रख सकते हैं। अपनी सुरक्षा और अग्रिम जमानत को लेकर अदालत से अपील कर सकते हैं।

अमेरिका में नहीं हुआ इमरान का स्वागत

  • सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
इस्लामाबाद। अमेरिका पहुंचने पर एक ओर जहां पीएम नरेंद्र मोदी का भव्यता से स्वागत हुआ, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। इमरान जब सऊदी विमान से न्यूयॉर्क पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए कोई बड़ा अमेरिकी अधिकारी मौजूद नहीं था। इसे लेकर इमरान का सोशल मीडिया पर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।
इमरान का पाकिस्तानी ही मजाक उड़ा रहे हैं। क्योंकि जब वह प्लेन से उतरे तो उनके आगे मात्र एक फुट का रेड कार्पेट बिछा था। पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने इसे लेकर एक वीडियो शेयर किया। तब से इमरान का मजाक उड़ाया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, मैं आपके साथ व्यवहार से पूरी तरह सहमत हूं। इमरान एक खराब बच्चे की तरह व्यवहार करते हैं, जिसमें कोई प्रोटोकॉल नहीं है। जबकि मोदी एक पेशेवर के रूप में व्यवहार करते हैं।

हुसैनगंज में बदमाशों ने रेलकर्मी को मारी गोली, ट्रामा में भर्ती

  • जमीनी रंजिश का मामला आया सामने, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में बेलगाम अपराधी लगातार पुलिस के इकबाल को चुनौती दे रहे हैं। हत्या, लूट समेत अनेकों आपराधिक घटनाओं से जनता में दहशत का माहौल है। इसी कड़ी में आज हुसैनगंज थाना क्षेत्र में बदमाशों ने एक रेलकर्मी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस फायरिंग में रेलकर्मी शाहनवाज के पेट और सीने में गोली लग गई। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक शाहनवाज पर जानलेवा हमला जमीनी रंजिश में किया गया लगता है। परिजनों ने शाहनवाज व उनके चचेरे भाइयों के बीच जमीनी विवाद होने की जानकारी दी है। साथ ही परिजनों ने आरोप लगाया है कि चचेरे भाइयों ने ही शाहनवाज को गोली मारी है। इसलिए पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। वहीं गोली लगने की वजह से गंभीर रूप से घायल शाहनवाज का ट्रॉमा में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत काफी गंभीर है। अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। बता दें, लखनऊ में अपराधियों के अंदर पुलिस का डर नजर नहीं आ रहा है। जिले में अकेले सितंबर महीने में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया गया। पुलिस अपराध पर नियंत्रण लगाने की नाकाम कोशिश कर रही है। इसलिए उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

हड़ताल पर ई-हॉस्पिटल कर्मचारी, मरीज हलकान

  • आज सुबह दो घंटे तक ठप रहा कामकाज

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी सहित प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में आज ई-हॉस्पिटल कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने एनएचएम में समायोजित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की वजह से अस्पताल की स्वास्थ सेवा कुछ देर के लिए थम गई। कर्मचारियों ने ओपीडी का बहिष्कार किया और आज सुबह आठ से 10 बजे तक काम ठप रहा। इसकी वजह से मरीजों को पर्चा बनवाने, जांच शुल्क जमा करने समेत कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा।
सेवा विस्तार न होने से आक्रोशित प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के तहत ई-हॉस्पिटल परियोजना से बलरामपुर, लोहिया, सिविल, लोकबंधु व डफरिन अस्पताल में कंप्यूटर-डाटा एक्जीक्यूटिव व सीनियर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव पद पर तैनात हैं। यह कर्मचारी अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी आदि में पर्चा बनाने, शुल्क जमा करने आदि अहम कार्य करते हैं।
कर्मचारियों की मांग है कि प्रदेश में करीब चार सौ कर्मचारी 32 सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं। उन्हें नियमित रूप से स्वास्थ्य महकमे या एनएचएम में समायोजित किया जाए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष सुनील यादव का कहना है कि आउट सोर्सिंग और संविदा कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना द्वारा को बजट आवंटित किया गया है उसी के अन्तर्गत सभी आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को समायोजित किए जाने से इनका रोष कम हो जाएगा। साथ ही सरकार को परिषद के साथ हुए समझौते के अनुसार आउट सोर्सिंग और संविदा कर्मी हेतु बनाई गई स्थाई नीति को जल्द से जल्द मंडी परिषद से पारित कर लागू करना चाहिए। जिससे इनका वेतन और भविष्य दोनों सुरक्षित हो सके और जनता को अच्छी सेवाएं प्रदान कर सकें।

चिकित्सा अधीक्षक ने बनाये पर्चे

सिविल अस्पताल में दो घंटे की हड़ताल के कारण मरीजों की परेशानी देख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने स्वयं मोर्चा संभाला। वे पर्चा काउंटर पर बैठ गये और मरीजों को पर्चा काउंटर से मैनुअल पर्चा बनाकर देने लगे। इससे मरीजों को काफी राहत मिली।

Loading...
Pin It

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.