तबादला होकर एलडीए पहुंचे अधिशासी अभियंता को दे रहा दो माह से वेतन

  • न कार्यमुक्त किया न जारी किया एलपीसीए उधर एलडीए ने भी सौंपा कार्यभार
  • दो माह पहले एलडीए हो चुका है अधिशासी अभियंता कमलजीत सिंह का तबादला

विनय शंकर अवस्थी
लखनऊ। नगर निगम में बिना काम के दाम देने की परंपरा कोई नई नहीं है। इस बार भी नगर निगम के अफसरों ने इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए एक ऐसे अधिशासी अभियंता को दो महीने का वेतन जारी कर दिया जो नगर निगम में पिछले दो माह से कार्यरत ही नहीं है। दरअसल, तबादला होने के चलते अधिशासी अभियंता पिछले दो महीने से ज्यादा समय से एलडीए में तैनात हंै। इस मामले में नगर निगम, एलडीए से लेकर खुद अधिशासी अभियंता भी सवालों के घेरे में हैं।
दो महीने पूर्व नगर निगम में नगर अभियंता के पद पर तैनात कमलजीत सिंह का तबादला लखनऊ विकास प्राधिकरण हो गया था। तबादला होने पर कमलजीत सिंह को कार्यमुक्त नहीं किया गया, न ही उनको एलपीसी जारी किया गया। बावजूद इसके कमलजीत सिंह ने एलडीए में अधिशासी अभिंयता के पद पर एक जुलाई 2019 को कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस बीच कमलजीत सिंह को नगर निगम से जुलाई और अगस्त का वेतन भी रिलीज कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार नगर निगम अभी तक उनके खाते में दो लाख से ऊपर वेतन जारी कर चुका है। इस संबंध में कमलजीत सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि नगर निगम से दो महीने का वेतन जारी किया है। इस संबंध में नगर निगम को पत्र भेज कर वेतन वापस लेने के लिए कहा जा चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर इस मामले में दोषी कौन है और अब देखना यह होगा कि नगर निगम और एलडीए अफसर इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।

तो क्या ऑफिस न आने वालों को भी मिलता है वेतन

नगर निगम में तबादला हो जाने और कार्यालय में उपस्थित हुए बिना वेतन जारी करना इस बात की ओर इशारा करता है कि विभाग में बिना उपस्थिति चेक किए अफसर-कर्मचारियों को वेतन देने की परम्परा है। फिर चाहे वे दो-दो माह तक ऑफिस न पहुंचे।

बिना कार्यमुक्त हुए उन्हें एलडीए में कार्यभार ग्रहण नहीं करना चाहिए था, ऐसे में वेतन जारी करना भी गलत है। इसकी जांच की जाएगी।
इन्द्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त

शासन के आदेश के क्रम में उन्हें कार्यभार सौंपा गया है अगर नगर निगम ने उन्हें वेतन जारी किया या कार्यमुक्त नहीं किया तो यह नगर निगम की गलती है।
एमपी सिंह, सचिव, एलडीए

मऊ में दो पक्षों में खूनी संघर्ष तीन लोगों की हत्या

  • पुलिस ने गांव में डाला डेरा, जांच पड़ताल शुरू

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मऊ। थाना रानीपुर क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा के मठिया में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में तीन लोगों की हत्या कर दी गई। पुराने घर को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार की देर रात झड़प शुरू होने के बाद पति, पत्नी को घर में घुसकर हमलावरों ने जख्मी कर दिया। वहीं हमलावर भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने गांव में डेरा डाल लिया है।
घटनास्थल पर आधा दर्जन की संख्या में पेट्रोल से भरे प्लास्टिक के पैकेट और धारदार हथियार पुलिस को मिले हैं। पुलिस के अनुसार इससे साफ है कि यह वारदात पूर्व नियोजित थी। स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार को आधी रात करीब बारह बजे घर पर हमला करने से पूर्व आरोपियों ने पास ही रोशनी के लिए लगे बल्ब को भी नष्ट कर दिया और पड़ोसियों के घर की कुंडी बंद कर दी थी ताकि मदद के लिए भी कोई न पहुंच सके। फिलहाल पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।

निपटा लें जरूरी काम, चार दिन बंद रहेंगे बैंक

  • बैंकों के विलय के विरोध में कर्मचारी कर रहे हड़ताल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अगर बैंक में आपका कोई पेंडिंग काम है तो उसे फटाफट निपटा लें, क्योंकि अगले सप्ताह बैंकों की बड़ी हड़ताल होने वाली है। इसकी वजह से चार दिन तक बैंक बंद रहेंगे। बैंकों की ये बंदी सात दिन तक के लिए बढ़ सकती है। सरकार के फैसले के खिलाफ बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंकों के विलय के विरोध में हड़ताल का आह्वïान किया है।
30 अगस्त 2019 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों के मेगा मर्जर (विलय) की घोषणा की थी। बैंकों के विलय की घोषणा के खिलाफ कर्मचारियों ने अगले सप्ताह हड़ताल की घोषणा की है। बैंक ऑफिसर्स यूनियन ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ 26 व 27 सितंबर को हड़ताल की घोषणा की है। इसके बाद 28 सितंबर को चौथा शनिवार होने की वजह और फिर 29 सितंबर को रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे। बैंकों की बंदी की वजह से 30 सितंबर तक बैंक सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।

विक्रम से उम्मीद खत्म अब गगनयान पर इसरो का फोकस

  • चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में लगे उपकरण कर रहे काम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बेंगलुरु। इंडियन स्पेस रीसर्च ऑर्गनाइजेशन के साथ ही पूरा देश इस उम्मीद में था कि चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क हो सकेगा लेकिन आज तडक़े से चांद पर रात शुरू होने के साथ ही सारी उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। इसरो चीफ के. सिवन ने कहा है कि विक्रम से संपर्क नहीं हो सका है और एजेंसी का ध्यान अब भारत के स्पेस मिशन गगनयान पर हैं। सिवन के इस बयान के साथ ही माना जा रहा है कि अब विक्रम से संपर्क की कोई संभावना नहीं रह गई है।
लैंडर का जीवनकाल चांद के एक दिन यानी धरती के 14 दिन के बराबर है। 7 सितंबर को तडक़े ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ में असफल रहने पर चांद पर गिरे लैंडर का जीवनकाल आज खत्म हो गया क्योंकि 7 सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक चांद का एक दिन पूरा होने के बाद आज से चांद पर रात हो जाएगी। सिवन ने भी अब गगनयान को प्राथमिकता बताते हुए यह संकेत दे दिए हैं कि विक्रम से संपर्क की उम्मीदें टूट चुकी हैं। सिवन ने यह भी बताया है कि ऑर्बिटर अपना काम कर रहा है। उसमें मौजूद 8 उपकरण अपना-अपना काम कर रहे हैं। उसने तस्वीरें भेजनी शुरू कर दी हैं और वैज्ञानिक उन्हें देख रहे हैं। ऑर्बिटर पर 8 एडवांस्ड पेलोड हैं जो चांद की 3-डी मैपिंग कर रहे हैं और दक्षिणी धु्रव पर पानी, बर्फ और मिनरल्स ढूंढ़ रहे हैं। ऑर्बिटर का जीवनकाल एक साल निर्धारित किया गया था, लेकिन बाद में इसरो के वैज्ञानिकों ने कहा कि इसमें इतना अतिरिक्त ईंधन है कि यह लगभग सात साल तक काम कर सकता है।

 

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