महाराष्ट्र-हरियाणा में बजा चुनावी बिगुल, उपचुनाव की भी तारीख तय

  • यूपी के उपचुनावों की घोषणा के साथ बढ़ी राजनैतिक दलों की चुनौती
  • 21 अक्टूबर को होगा विधानसभा चुनाव, 24 को आएंगे नतीजे
  • केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने तारीखों का किया ऐलान, एक चरण में होगा मतदान
  • 27 सितंबर को जारी होगी अधिसूचना, 4 अक्टूबर तक किया जा सकता है नामांकन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा में विधान सभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। दोनों राज्यों में 21 अक्टूबर को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि 24 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि दोनों राज्यों में 27 सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। 4 अक्टूबर तक नामांकन किया जा सकता है और 7 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकते हैं। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों की 64 विधानसभा सीटों और बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी 21 अक्टूबर को होगा। 288 विधानसभा सीटों वाले महाराष्ट्र और 90 सीटों वाले हरियाणा में ही एक ही राउंड में मतदान होगा। चुनावी शेड्यूल के ऐलान के साथ ही दोनों राज्यों में चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है। अब दोनों राज्यों में कोई नई घोषणाएं नहीं की जा सकेंगी। महाराष्ट्र में 8.9 करोड़ वोटर और हरियाणा में 1 करोड़ 28 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

28 लाख खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी न देने पर प्रत्याशी का पर्चा रद्द होगा। आयोग ने प्रत्याशी के लिए खर्च की सीमा 28 लाख रुपये निर्धारित की है। चुनावी खर्च की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। चुनाव में हिस्सा ले रहे उम्मीदवारों को अपने हथियार जमा कराने होंगे। इसके अलावा चुनाव आयोग ने प्रचार में पर्यावरण का ध्यान रखते हुए प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की अपील की है।

भाजपा के लिए सत्ता बचाने की चुनौती
महाराष्ट्र में मतदान की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 1.8 लाख ईवीएम का इस्तेमाल होगा जबकि हरियाणा में 1.3 लाख ईवीएम का इस्तेमाल होगा। हरियाणा में 2 नवंबर को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि महाराष्ट्र में 9 नवंबर को कार्यकाल समाप्त होगा। फिलहाल दोनों ही राज्यों में भाजपा सत्ता में है, ऐसे में उसके लिए दोनों राज्यों में अपनी सत्ता को बचाए रखने की चुनौती होगी। महाराष्ट्र में भाजपा शिवसेना के साथ गठबंधन सरकार चला रही है, जबकि हरियाणा में वह बहुमत के साथ शासन में है।

21 अक्टूबर को होगा यूपी में उपचुनाव
देश के अलग-अलग राज्यों में 64 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव का भी ऐलान किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटें भी शामिल हैं जहां 21 अक्टूबर को मतदान होगा। इन सीटों में लखनऊ कैंट, मानिकपुर, गंगोह, बलहा, प्रतापगढ़, घोसी, जलालपुर, रामपुर, इगलास, जैदपुर व गोविंद नगर शामिल है। उपचुनाव के तारीखों साथ ही उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है। इससे राजनीतिक दलों की चुनौती बढ़ गई है।

देश-प्रदेश में बदलाव चाहते हैं लोग: अखिलेश

  • विश्वकर्मा समाज को मिला धोखा, सपा सरकार में विश्वकर्मा समाज के लोगों को सबसे पहले मिलेंगे लैपटॉप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि लोग देश और प्रदेश में बदलाव चाहते हैं। हमें तो धोखा मिला, साथ ही विश्वकर्मा समाज के साथ भी धोखा किया गया।
राजधानी स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित विश्वकर्मा पूजा समारोह को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार ने विश्वकर्मा पूजा पर अवकाश घोषित किया था लेकिन सरकार ने उसे रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर हम इस दिन अवकाश घोषित करेंगे। सपा की सरकार बनने पर सबसे पहले विश्वकर्मा समाज के लोगों को लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज में जिनकी संख्या कम है, उन्हें सबसे पहले योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर गोमती नदी के तट पर विश्वकर्मा भगवान का मंदिर बनाएंगे। यदि विश्वकर्मा समाज ने सहयोग
किया तो सपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।

किसानों ने फिर किया दिल्ली कूच

  • 15 सूत्रीय मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन पुलिस अलर्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। केंद्र सरकार से अपनी मांगों को लेकर वार्ता असफल रहने के बाद अब बड़ी संख्या में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने दिल्ली के लिए कूच कर दिया है। आज किसान दिल्ली के किसान घाट पहुंच रहे हैं, जहां पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की समाधि है। कर्ज की माफी, गन्ना बकाये का 14 दिनों में भुगतान, बिजली के रेट में कमी, बच्चों की पहली से आठवीं तक मुफ्त शिक्षा, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने और पश्चिमी यूपी में अलग से हाईकोर्ट की बेंच के गठन समेत किसान 15 मांगों पर अड़े हुए हैं।
आंदोलन के लिए दिल्ली पहुंचने वालों में नोएडा, गाजियाबाद समेत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर और हापुड़ के भी सैकड़ों किसान शामिल हैं। किसानों के गुस्से की एक वजह यूपी में बिजली की दरों में हुआ इजाफा भी है। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि यदि एक दिन की भी देरी होती है तो हमें जुर्माना अदा करना पड़ता है। किसानों के कूच को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

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