आय-व्यय के ब्यौरे को लेकर महापौर और नगर आयुक्तमें रार

  • गर्माया सदन का माहौल, बहस बनी चर्चा का विषय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। नगर निगम में गुरुवार को आयोजित सदन में आय-व्यय का ब्यौरा मांगने के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया। इस मुद्दे पर महापौर और नगर आयुक्त के बीच बहस हो गई। सदन की यह बहस आज दूसरे दिन नगर निगम मुख्यालय में चर्चा का केंद्र बनी रही। दबी जुबान में कर्मचारियों ने भी इस बात का समर्थन किया कि भुगतान में कुछ गड़बड़ी है।
सदन के दौरान महापौर और कुछ पार्षदों ने पूछा कि ओटीएस के तहत वसूली गई रकम कहां खर्च की गई। इसके साथ ही किस वॉर्ड में कितना खर्च हुआ, इसकी जानकारी भी उपलब्ध नहीं करवाई जाती है। इस मुद्दे पर महापौर और नगर आयुक्त के बीच काफी देर सवाल-जवाब हुए। बता दें कि महापौर ने नगर कई बार पत्र लिखकर नगर निगम अफसरों से आय-व्यय का ब्यौर मांगा था जो कि उन्हें उपलब्ध नहीं कराया। हालांकि नगर आयुक्त ने जवाब दिया कि एक भी रुपये का हेरफेर नहीं है। वहीं, पार्षद मुन्ना मिश्रा, नागेन्द्र सिंह चौहान, राजेश सिंह गब्बर सहित अन्य ने कहा कि यह चर्चा यहां नहीं होनी चाहिए। इस पर महापौर ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि अगर सदन में चर्चा नहीं होगी तो कहां होगी। नगर निगम सूत्रों का कहना है कि नगर निगम में ठेकेदारों निजी संस्थाओं और अन्य खर्चों के भुगतान का कोई सिस्टम नहीं है। कई साल पुराने कामों का भुगतान अटका रहता है तो नए विकास कार्यों के भुगतान तुरंत कर दिए जाते हैं। यही नहीं कुछ चहेती फर्मों को भुगतान में प्रथममिकता मिलने की सूचना है।

पेयजल में मिट्टी और बालू आने से लोग परेशान

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) विकासनगर के शेखूपुरा कॉलोनी में एक महीने से मिट्टी वाले पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों का कहना है कि कपूरथला स्थित जोन तीन जलकल के दफ्तर में शिकायत दर्ज कराने पर भी समस्या दूर नहीं हो सकी है। इससे यहां रहने वाले लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। शेखूपुरा कॉलोनी के मकान नंबर 575 में रहने वाले आकाश ने बताया कि एक महीने से पानी में अत्यधिक मात्रा में बालू आ रही है। सेक्टर-ओ मानसरोवर योजना एलडीए कॉलोनी में कई दिनों से पानी में बालू आ रही है। लोगों का कहना है कि बालू आने से पानी की टंकियों में कई इंच मोटी बालू जमा हो चुकी है। यहां रहने वाले हरमिंदर सिंह भट्टी ने बताया कि इलाके में जिस ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति होती है। वह काफी पुराना है।

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