हादसों को न्योता दे रहे जर्जर बिजली के खंभे, जिम्मेदार लापरवाह

  • पर्याप्त बजट के बावजूद नहीं हो रहा रखरखाव का काम
  • जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत का भी नहीं दिख रहा असर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। शहर में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने लेसा के जर्जर खंभों से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा दी है। तमाम घटनाएं होने के बावजूद लेसा हाथ पर हाथ रखे बैठा है। शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर गली मोहल्ले में मौजूद बिजली के जर्जर खंभे जिम्मेदारों की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। इन जर्जर खंभों से निकलने वाली एबीसी केबल और हाईटेंशन लाइनें कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है जबकि बिजली पोल के रखरखाव और मरम्मत के लिए बजट में कमी जैसी कोई समस्या नहीं है।
लेसा के एक्सईएन संबंधित डिवीजन में खंभों की मरम्मत के लिए एक माह में एक लाख रुपये की लागत का वर्क ऑर्डर कर सकते हैं। विभाग के जानकारों की मानें तो क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों की मरम्मत का काम पूरे साल चलता है, जबकि लोहे के जर्जर खंभों और केबल की मरम्मत का काम जल्द करवाना जरूरी है, जिससे बारिश के मौसम में करंट से होने वाली घटनाओं में कमी लाई जा सके। बिजली इंजीनियरों के अनुसार विभाग की ओर से मरम्मत के नाम पर पोल के क्षतिग्रस्त हिस्से को जमीन में मजबूती देने के लिए लोहे के एंगल की ग्राउंडिंग की जाती है। साथ ही पोल की सीमेंट और कंक्रीट से राउंडिंग करके ढीले हो चुके अर्थिंग वायर का खिंचाव किया जाता है। सीआरपीएफ कैम्प के सामने मौजूद जर्जर बिजली के खंभे से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज करवाई गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में सीआरपीएफ एसआई विद्या शंकर मिश्र ने बताया कि यहां से स्कूली बच्चों सहित वाहनों की आवाजाही रहती है। क्षतिग्रस्त पोल की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की गई है। विडियो बनाकर उन्हें ट्वीट भी किया गया है। इस मामले पर लेसा के अफसरों का कहना है कि इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। बिजली के खंभों की मरम्मत का काम एक्सईएन स्तर से होता है। जर्जर खंभों के लिए एक्सईएन और उनके अधीन कर्मचारी जिम्मेदार हैं।

करंट से कई पशुओं की हो चुकी है मौत

राजधानी के इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड में पिछले दिनों करंट लगने से कई गायों की मौत हो चुकी है। इस मामले में क्षेत्रीय पार्षद समीर पाल और पूर्व पार्षद दूध प्रताप सिंह ने बताया कि क्षेत्र में जर्जर खंभों को लेकर कई बार लेसा के अभियंताओं और अफसरों से शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके क्षेत्र से जर्जर और खुले तार वाले खंभों को हटाया नहीं जा सका है। इसके चलते कभी भी दुर्घटना हो सकती है।

Loading...
Pin It

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.