अब पर्यावरण को ऑक्सीजन देगी अमृत योजना, लगाई जाएंगी पोषण वाटिकाएं

  • शहरी क्षेत्र की घनी आबादी वाले इलाकों में बनाए जाएंगे ऑक्सीजन पार्क
  • ग्राम पंचायतों में लगाए जाएंगे फल और औषधीय पेड़-पौधे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने कमर कसनी शुरू कर दी है। अमृत योजना में शहर और गांव दोनों की हरियाली बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है। योजना के तहत जहां शहरी इलाकों में ऑक्सीजन पार्कों को बनाया जाएगा वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण वाटिकाएं लगाई जाएंगी। वाटिका में फलदार वृक्ष और औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। नगर विकास विभाग ने इसकी जिम्मेदारी विभिन्न विभागों की समन्वय समिति को सौंपी है।
अमृत योजना के तहत जल्द ही शहरी क्षेत्रों के आबादी वाले इलाकों में ऑक्सीजन पार्क बनाए जाएंगे। वहीं, कुपोषण के लिए चिन्हित की गई ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिकाएं विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से शहरी व ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों के पर्यावरण प्रदूषण घटेगा और हरियाली बढ़ेगी। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन कार्ययोजना के पहले चरण में अमृत योजना के तहत वायु प्रदूषण के आधार पर संवेदनशील चिन्हित आबादी वाले क्षेत्रों में 20 ऑक्सीजन पार्क विकसित करेगा। वहीं, ब्लॉक स्तर पर चिन्हित ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिकाएं विकसित की जाएगी। इन वाटिकाओं में उत्पन्न फलों को निशुल्क वितरित किया जाएगा। पार्कों में ऑक्सीजन देने वाले पौधों को रोपित कर हरा-भरा बनाया जाएगा, वहीं कुपोषित ग्राम पंचायतों में उपयोगी फल व औषधि वाले पौधे लगाए जाएंगे। दरअसल, शहरी इलाकों में गुम होती हरियाली और लगातार जारी पेड़ों की कटान से वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा लगातार घटती जा रही है। बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए रीजनल सेंटर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज के विशेषज्ञों ने भी अमृत योजना के तहत ऑक्सीजन पार्क विकसित करने की जरूरत बताई है। नगर विकास विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। नगर निगम स्तर पर शहरी इलाकों में ऑक्सीजन पार्क विकसित कराने का जिम्मा जिला प्रशासन की अगुवाई में गठित संबद्ध विभागों की समन्वय समिति को सौंपा गया है।

पार्कों का ब्यौरा तलब
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने राजधानी के शहरी इलाकों में कार्ययोजना को लागू करने के लिए अमृत योजना के तहत नगर निगम से आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित पार्कों का विवरण मांगा है। पहले चरण में 20 पार्कों को चिन्हित कर वहां ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन देने वाले पीपल, नीम, बरगद, एलोवेरा, राम तुलसी, पाम-ट्री और बांस के पौधे लगाए जाएंगे। इन पार्कों में बाउंड्रीवाल के साथ फलदार व छायादार पौधों की नर्सरी बनाई जाएगी। पार्कों के विकसित होने से बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगेगी।

रोपे जाएंगे ये पौधे
पीपल, नीम, बरगद, एलोवेरा, राम तुलसी, पाम-ट्री और बांस।

मिलेगा रोजगार
कुपोषित बच्चों व गर्भवती के परिवारीजनों को मनरेगा के तहत इन पोषण वाटिकाओं की देखभाल व निगरानी की जिम्मेदारी सौंपकर रोजगार भी दिया जाएगा। आपूर्ति विभाग कुपोषण से पीडि़त परिवार को सस्ती दर पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन कार्ड भी देगा।

कुपोषण पर भी लगेगा नियंत्रण
कुपोषण से छुटकारा दिलाने के लिए चिन्हित ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी में इन पोषण वाटिकाओं में होने वाले फल कुपोषित बच्चों और गर्भवती को मुफ्त दिए जाएंगे। सीडीओ की निगरानी में इस कार्ययोजना को प्रभावी बनाया जाएगा।

 

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