अब सरकार नहीं भरेगी सीएम और मंत्रियों का आयकर, पुराने कानून को खत्म करने की तैयारी

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराना कानून खत्म करने के लिए प्रस्ताव बनाने के दिए निर्देश
  • अगले विधान सभा सत्र में रखा जाएगा प्रस्ताव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार अब सीएम, पूर्व सीएम और मंत्रियों का आयकर नहीं भरेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को पुराना कानून खत्म करने के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। यह प्रस्ताव कैबिनेट के बाद अगले विधानसभा सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखा जाएगा।
सीएम ने कहा कि इस सरकार के मंत्री अपने वेतन से ही इनकम टैक्स भरेंगे। अभी सरकार की ओर से टैक्स भरने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश मंत्री, वेतन, भत्ते एवं विधिक कानून-1981 के तहत चल रही है। यह कानून विश्वनाथ प्रताप सिंह के सीएम रहते बना था। इस कानून ने अब तक 19 मुख्यमंत्रियों और लगभग 1000 मंत्रियों को लाभ पहुंचाया है। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुलायम सिंह यादव, मायावती, कल्याण सिंह, अखिलेश यादव, राम प्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह, श्रीपति मिश्र, वीर बहादुर सिंह और नारायण दत्त तिवारी के नाम शामिल हैं। अकेले इस बार 86 लाख रुपये टैक्स भरने में चुकाए गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने विधानसभा में तर्क दिया था कि राज्य सरकार को आयकर का बोझ उठाना चाहिए क्योंकि अधिकतर मंत्री गरीब पृष्ठभूमि से हैं और उनकी आय कम है। हालांकि, वक्त बीतने के साथ नेताओं की घोषित सम्पत्ति करोड़ों में पहुंच गई है। इसी वजह से यह कानून बदलने की मांग की जा रही थी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सीएम ने निर्देश दिए हैं कि अब सभी मंत्री अपने इनकम टैक्स का भुगतान खुद करेंगे। इसके लिए वित्त विभाग प्रस्ताव बनाएगा, जिसके जरिए मिनिस्टर्स सैलरीज अलाउन्सेस एंड मिसलेनियस ऐक्ट को खत्म किया जाएगा।

चालान कटने के 15 दिनों के अंदर दिखा सकते हैं कागजात: एएसपी टै्रफिक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। चेकिंग के वक्त कागजात न होने पर चालान कट जाए तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। एएसपी ट्रैफिक पूर्णेंदु सिंह ने कहा कि लोग चालान कटने के 15 दिन के भीतर संबंधित अधिकारी को आरसी, प्रदूषण और इंश्योरेंस के पेपर दिखा सकते हैं। इसके बाद 1000 के बजाय महज 100 प्रति पेपर जुर्माना देना होगा, लेकिन सभी पेपर चालान की तारीख से पहले के होने चाहिए।
हजरतगंज स्थित एक होटल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पहुंचे एएसपी ट्रैफिक ने बताया कि गाड़ी के कागजात डिजी-लॉकर या एम परिवहन ऐप में रखे जा सकते हैं। चेकिंग के दौरान दिखाने पर ये मान्य होंगे। इसके उलट हेलमेट न लगाने, ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी, निर्धारित से तेज गति पर गाड़ी चलाने जैसे मामलों में छूट नहीं मिलेगी।

 

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