हटाने के आदेश के बाद भी परियोजना में तैनात आरोपी अवर अभियंता संजय कुमार

गोमती रिवर फ्रंट में लागत से अधिक भुगतान का मामला

  • चहेते अवर अभियंता को मिल रहा कुछ अधिकारियों का संरक्षण, सीबीआई व ईडी कर रही है जांच
  • मोहनलालगंज के सांसद ने सीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई करने का किया था अनुरोध

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोमती रिवर फ्रंट घोटाला मामले में आरोपी अवर अभियंता संजय कुमार को सिंचाई और जल संसाधन विभाग के कुछ अधिकारी बचाने में जुटे हैं। विभागाध्यक्ष और प्रमुख अभियंता के आदेश के बावजूद अभी तक अवर अभियंता को रिवर फ्रंट परियोजना से नहीं हटाया गया है जबकि इस मामले में सीबीआई और ईडी जांच कर रही है। इस मामले में मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता और विभागध्यक्ष अनूप कुमार श्रीवास्तव ने तीन सितंबर को संजय कुमार अवर अभियंता लखनऊ खंड शारदा नहर लखनऊ को गोमती रिवर फ्रंट परियोजना की जांच जारी रहने तक लखनऊ खंड शारदा नहर लखनऊ से निदेशक केंद्रीय परिकल्प निदेशालय, डॉ. राम मनोहर लोहिया परिकल्प भवन, लखनऊ से सम्बद्ध किए जाने का आदेश जारी किया था। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होना था। यह आदेश अधीक्षण अभियंता सप्तम लखनऊ मंडल सिंचाई कार्य लखनऊ द्वारा उपलब्ध आख्या के तहत किया गया था। अधीक्षण अभियंता ने अपनी आख्या में कहा था कि गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में अवर अभियंता संजय कुमार तीन अुनबंधों में लागत से अधिक भुगतान के आरोपी हैं और वर्तमान में इन कार्यों की जांच सीबीआई एवं ईडी द्वारा की जा रही है। हैरानी की बात है कि अधीक्षण अभियंता की आख्या और प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष के आदेश के बावजूद अवर अभियंता संजय कुमार को निदेशक केंद्रीय परिकल्प निदेशालय में आज तक अटैच नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक अवर अभियंता को कुछ अधिकारी बचा रहे हैं जबकि रिवर फ्रंट घोटाले को लेकर अब तक कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।

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