कागज पर उपकेंद्र खोलने की कवायद ओवर लोडिंग से गहराया विद्युत संकट

  • बजट की कमी का रोना रो रहा लेसा, ओवर लोडिंग ने बिगाड़ दी आपूर्ति
  • अधूरे पड़े हैं कई उपकेंद्रों के निर्माण, कई स्थानों पर जमीन मिलने में फंसा पेंच
  • शहर में अबाध विद्युत आपूर्ति का दावा हुआ फुस्स, उपभोक्ता हो रहे परेशान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में अबाध विद्युत आपूर्ति का दावा फुस्स हो गया है। नए उपकेंद्रों के न बनने से ओवर लोडिंग बढ़ती जा रही है। इसके कारण शहर के तमाम इलाकों में विद्युत संकट गहराता जा रहा है। दूसरी ओर लेसा बजट की कमी और जमीन उपलब्ध नहीं होने का रोना रो रहा है।
शहर में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए एक दर्जन नए विद्युत उपकेंद्र खोलने का खाका तैयार किया गया था। फिलहाल कागजों पर चल रही उपकेंद्रों के खोलने की कवायद सालों बाद भी पूरी नहीं हो सकी। वृंदावन, अमीनाबाद, पॉलीटेक्निक, गोमती नगर, विक्रमादित्य मार्ग, लाटूश रोड, विभूति खंड, इंदिरा नगर के कई सेक्टर, नाका, बांसमंडी के आसपास विद्युत आपूर्ति की स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही है। यही नहीं नए उपकेंद्र बनाने के जो वैकल्पिक रास्ते खोजे गए थे, वे भी किसी न किसी कारण बाधित हो गए हैं। ऐसे में राजधानी के तमाम बिजलीघर ओवर लोडिंग से कराह रहे हैं। पुराना लखनऊ हो या नया लखनऊ, सभी जगह विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है। यहां उपकेंद्रों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए भारी भरकम बजट चाहिए लेकिन विद्युत विभाग बजट की कमी का रोना रो रहा है। इसके अलावा कहीं जमीन का पेंच फंसा हुआ है तो कहीं ठेकेदार की ढिलाई के कारण उपकेंद्रों के निर्माण का काम रुका पड़ा है। कुल मिलाकर आम उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। लेसा के तमाम प्रयासों से फैजाबाद रोड स्थित पालीटेक्निक परिसर में जमीन देने पर प्रिसिंपल ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। वहीं बांसमंडी में पुराने आरटीओ के पास उपकेंद्र बनना था। यहां बाउंड्रीवाल बना दी गई, लेकिन निर्माण अभी शुरू नहीं हो सका है। वहीं, अमराई गांव का उपकेंद्र पचास हजार से अधिक लोगों का बिजली संकट दूर करने वाला था। यहां 1500 वर्ग मीटर में नया बिजली घर बनाने के लिए कवायद शुरू हुई थी। इससे इंदिरा नगर के सेक्टर 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17 के अलावा तकरोही, हरिहर नगर, दीनदयालपुरम और अमराई गांव की बिजली व्यवस्था सुधरने की उम्मीद जताई गई थी लेकिन अभी प्रोजेक्ट को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है।

नहीं सुलझा नगर निगम और लेसा का विवाद
कई जगह नगर निगम और लेसा के बीच जमीन के लेन-देन का मामला हल नहीं हो पा रहा है। लेसा को अमराई गांव व विभूति खंड उपकेंद्र के लिए
जमीन अब तक नहीं मिल सकी है। लेसा द्वारा नगर निगम को भेजा गया
प्रस्ताव महंगा पड़ रहा है। नगर निगम ने वाणिज्यक दर पर जमीन देने की बात कही है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार 
ट्रांस गोमती के मुख्य अभियंता प्रदीप कक्कड़ ने बताया कि कई उपकेंद्रों पर काम चल रहा है, जो लंबित हैं, वहां अभी जमीन को लेकर संबंधित विभागों से पत्राचार चल रहा है, जमीन मिलते ही उपकेंद्र बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

 

Loading...
Pin It

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.