तो क्या सोनू के बुने जाल में फंस गए चिन्मयानंद!

  • पीडि़त लडक़ी के दोस्तों के साथ बातचीत का वीडियो लीक होने से मचा हडक़ंप
  • वीडियो में पांच करोड़ की वसूली की बात सामने आने से हुआ साबित कि एक बड़ी साजिश थी इस कांड के पीछे
  • कई सालों से बनाया जा रहा था स्वामी चिन्मयानंद का वीडियो तो क्या कोई बड़ी साजिश कर रही थी काम स्वामी चिन्मयानंद को बदनाम करने के पीछे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। स्वामी चिन्मयानंद कांड में एक नया मोड़ आ गया है। पीडि़त लडक़ी द्वारा स्वामी चिन्मयानंद के मसाज के वीडियो के बाद पीडि़त लडक़ी के साथियों का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें पीडि़ता और उसके साथी वसूली के लिए मैसेज भेजने का जिक्र कर रहे हैं। इसी वीडियो में एक लडक़ा कहता है कि अगर सोनू भइया ने हाथ खींच लिए तो हम लोग कहीं के नहीं रहेंगे। मतलब साफ है कि इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड कोई सोनू है जिसने बड़ी सफाई से इस साजिश को अंजाम दिया है।
इन वीडियो क्लिप्स को देखने पर पता चलता है कि एक गैंग ने पांच साल पहले सुनियोजित तरीके से चिन्मयानंद को शिकार बनाया। गैंग की तरफ से पांच करोड़ रुपये मैसेज करके स्वामी चिन्मयानंद से मांगे भी गए। जब पांच साल तक गैंग उगाही में सफल नहीं हुआ तो मसाज के वीडियोज लीक करा दिया और पूरे मामले में विक्टिम कार्ड खेल दिया गया। इन नए वीडियोज के आने के बाद पूरा प्रकरण अब एकतरफा की बजाय दोतरफा हो गया है। अब जो आरोपी दिख रहे हैं, वे पीडि़त नजर आने लगे हैं। अब तक जो पीडि़त नजर आ रहा था, वह आरोपी दिखने लगा है। इस हाईप्रोफाइल मामले में नए-नए मोड़ आने के बाद इसकी सच्चाई का पता गहन और विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच पड़ताल में जुटी है और उसके पास सारे सुबूत इकट्ठा हो गए हैं। गौरतलब है कि अब तक जो मसाज वीडियो लीक हुए हैं उसमें कहीं भी स्वामी चिन्मयानंद लडक़ी के साथ जोर-जबरदस्ती करते नहीं दिख रहे हैं। ज्यादातर वक्त वह आंख मूंदे सोए रहते हैं। मसाज कर रही लडक़ी और स्वामी चिन्मयानंद की बातचीत से यह भी समझ में आ जाता है कि सब कुछ स्वेच्छा और सहजता से हो रहा है। चिन्मयानंद को शिकार बनाने वाले गैंग के जो दो वीडियोज सामने आए हैं उससे लगने लगता है कि पूरी प्लानिंग के साथ चिन्मयानंद को चुपचाप शिकार बनाया जाने लगा और सब कुछ खुफिया कैमरे से रिकार्ड किया जाने लगा। इस प्रकरण को गहराई से समझने से पता चलता है कि ब्लैकमेलिंग और उगाही के लिए स्वामी चिन्मयानंद को टारगेट बनाया गया और उनके वीडियो रिकार्ड किए जाने के बाद उनसे पैसे मांगे गए। जो गैंग का नया वीडियो जारी हुआ है, उसमें दिख रहा है कि गैंग के सदस्यों में से ही एक आपस की बातचीत को खुफिया कैमरे से रिकार्ड कर रहा है। वह क्यों रिकार्ड कर रहा है, यह समझ से परे है।
सवाल ये भी है कि ये गैंग का वीडियो आखिर किसने व कब लीक कराया? कहीं ऐसा तो नहीं कि गैंग के सदस्यों के बीच से ही एक मुखबिर ने किसी किस्म के लालच के मकसद से पूरी प्लानिंग को लीक करा दिया हो और इसके एवज में उसने ‘कुछ’ हासिल किया हो? फिलहाल सवालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस कांड में न्याय और सत्य क्या है, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए लेकिन नए वीडियोज के आने से यह तो तय है कि अब चिन्मयानंद आरोपी के साथ पीडि़त भी बन गए हैं। देश भर में आजकल यह चलन जोरों पर है जिसमें असामाजिक तत्व महिलाओं को आगे कर बड़े लोगों को फांसते हैं फिर अच्छी खासी रकम ऐंठते हैं। ढेर सारे मामले तो दबे रह जाते हैं लेकिन कुछ मामले ऐसे भी होते हैं जिसमें हिम्मत करके पीडि़त पुलिस के पास जाता है और खुलासा करता है।
स्वामी चिन्मयानंद के मामले में लगता है कि गैंग के लोगों ने पैसे न मिलने पर पांच साल बाद पूरे प्रकरण को इमोशनल टच देकर मसाज वीडियो लीक कराया और चिन्मयानंद को आसाराम सरीखा आरोपी बनाने की तैयारी कर ली अगर ये दो वीडियो सार्वजनिक न होते तो आज हर कोई नंबर एक आरोपी चिन्मयानंद को ही मानता। पर अब तो हर तरफ आरोपी ही आरोपी दिख रहे हैं। बड़े फलक पर देखा जाए तो स्वामी चिन्मयानंद ही पीडि़त नजर आने लगे हैं क्योंकि जब दो लोग आपसी सहमति से एक कमरे में मसाज करते हैं या कुछ और करते हैं तो इसमें किसी को समस्या कहां है? समस्या तब शुरू होती है जब एक पक्ष धोखे से, साजिश के तहत, गुपचुप तरीके से आपसी कृत्य का वीडियो बनाने लगता है ताकि इस वीडियो को आगे कर पैसे हासिल किए जा सके तो फिर ज्यादा बड़ा अपराध तो यहां नजर आने लगता है। फिलहाल इस प्रकरण में आखिरी तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता और न ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। सच्चाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा करना चाहिए और एसआईटी जांच होने तक किसी अंजाम पर नहीं पहुंचना चाहिए।
साभार: भड़ास 4 मीडिया

लापरवाही पर नगर आयुक्त सख्त, लिपिक को जारी की भत्र्सना प्रवृष्टि

  • इंडियन ऑयल को समय से चेक जारी न करने का मामला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लापरवाही के चलते बीते सोमवार को नगर निगम के कूड़ा वाहनों को ईंधन न मिलने के मामले में दोषी लिपिक को नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी ने भत्र्सना प्रवृष्टि जारी की है, जिसके बाद से विभागीय कार्यों में लापरवाही करने वालों लिपिकों में हडक़ंप मच गया है।
नगर आयुक्त ने कहा है कि 9 सितम्बर को केन्द्रीय कार्यशाला विभाग में डीजल न उपलब्ध होने के कारण वाहन विलम्ब से निकले। जांच में पाया गया कि इंडियन ऑयल को निगम की ओर से समय पर चेक जारी नहीं किया गया। विशेष स्वच्छता अभियान संचालित है इसलिए इस प्रकार की लापरवाही को माफ नहीं किया जा सकता। इसी चलते लिपिक अजय कुमार को भत्र्सना प्रवृष्टि जारी की गई। इससे संबंधित कर्मचारी को सेवा संबंधित कई लाभों से वंचित रहना पड़ सकता है।

जम्मू-कश्मीर में कठुआ से 6 एके-47 के साथ तीन आतंकी गिरफ्तार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन आतंकियों को 6 एके-47 के साथ गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर के लखनपुर से गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षाबलों को इनपुट मिला था कि एक ट्रक से हथियार ले जाया जा रहा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ट्रक को पकड़ा और तीन आतंकियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया।

गोप ने हुसैन के चाहने वालों को अपने हाथों से तकसीम की चाय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बाराबंकी गांव आलमपुर में मोहर्रम के ग्यारहवीं के अलम के जुलूस में हजरत इमाम हुसैन के रौजे आलमपुर में प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व प्रदेश महासचिव अरविंद कुमार सिंह गोप के जानिब से लगने वाली चाय की कदीमी सबील में पहुंच कर हुसैन के चाहने वालों को अपने हाथों से चाय तकसीम की। इस मौके पर मुख्य रूप से अरविंद कुमार सिंह गोप के साथ पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, राम मगन रावत, हशमत अली गुड्डू प्रधान, अकील जैदी, मो. फारूक, मुन्ना खान, अम्मार जैदी, पवन प्रधान, खैराती प्रधान, मो.रईस, यार मोहम्मद आदि मौजूद रहे।

 

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