राष्टï्रीय पोषण माह को सफल बनाने का लिया संकल्प

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नेशनल न्यूट्रिशन मंथ के तहत कंटीन्यूइंग न्यूट्रिशन एजुकेशन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया के विशेषज्ञ शामिल हुए। राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य संतुलित भोजन के लिए जन सामान्य को प्रेरित करना और लोगों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना है।
संस्था की सचिव रानू का कहना कि प्रोटीन की कमी से नाखून और बाल कमजोर हो जाते हैं, रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। मसूड़ों में सूजन, हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। हर व्यक्ति को पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए क्योंकि स्वस्थ आहार ही आपके स्वस्थ जीवन का आधार है। कार्यक्रम में 150 से ज्यादा डायटीशियन एवं फूड एंड न्यूट्रीशन के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और राष्ट्रीय पोषण माह को सफल बनाने का संकल्प लिया।

 

तैनाती के दो माह बाद भी स्कूल नहीं पहुंचे तीन शिक्षक, जांच के आदेश

  • बेलसर के प्राथमिक विद्यालय बडऩापुर में बीएसए ने दी थी तैनाती

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोंडा। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की मनमानी जारी है। बेलसर के प्राथमिक विद्यालय बडऩापुर में कुछ इसी तरह की तस्वीर सामने आई है। यहां जुलाई माह में तैनात किए गए तीन शिक्षक दो महीने बाद भी स्कूल नहीं पहुंचे हैं। स्कूल के विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य ने इस मामले की शिकायत डीएम से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने बीएसए को मामले के जांच के आदेश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों मे तैनाती के लिए जुलाई माह में काउंसलिंग कराई गई थी। बेलसर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों ने कार्यरत तीन शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय बडऩापुर में 10 जुलाई को तैनाती दी गई थी। इसमे प्राथमिक विद्यालय बारसांड के शिक्षक सुरेश मिश्रा, प्राथमिक विद्यालय पूरे मिश्रन के गिरधर शुक्ला व प्राथमिक विद्यालय आदमपुर के शिक्षक कन्हैयालाल का नाम शामिल था, लेकिन दो माह बीतने के बावजूद तीनों शिक्षकों ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया।

गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई: बीएसए

बीएसए मनिराम सिंह का कहना है कि काउंसलिंग कराने वाले सभी शिक्षकों को अपने नए तैनाती वाले स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन इसी के साथ यह भी निर्देश था कि यदि स्कूल में एक ही शिक्षक की तैनाती है तो उसे कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। बगैर कार्यमुक्त हुए शिक्षक दूसरे स्कूलों में नहीं जा सकेंगे। इस मामले में क्या स्थिति है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। मामले की रिपोर्ट बीईओ से मांगी जाएगी। गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।

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