राजधानी : पौधरोपण अभियान में लापरवाही रोपने के लिए मंगाए गये सैकड़ों पौधे सूखे

  • जिम्मेदारों की लापरवाही से लाखों के पौधे हो गए बेकार
  • कुकरैल बंधे के फुटपाथ पर सूखने के लिए छोड़ दिए गए पौधे
  • सरकार के कड़े आदेशों का भी नहीं दिख रहा है असर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार भले ही हरियाली के लिए पौधरोपण पर जोर दे रही है और इसके लिए बाकायदा अभियान चला रही हो लेकिन इसकी जमीनी हकीकत बिल्कुल विपरीत है। जिम्मेदार ही सरकार के इस अभियान को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आलम यह है कि लाखों के पेड़ बिना रोपे सूख चुके हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार ने पौधों को लगाने के साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करने के कड़े आदेश दे रखे हैं।
पौधारोपण अभियान में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। लिहाजा पौधरोपण के लिए लाए गए पौधे सूख रहे हैं। गोमती नगर के समता मूलक चौराहे को रिंग रोड व खुर्रम नगर चौराहे से जोडऩे वाली कुकरैल बंधा रोड पर एक सप्ताह पहले पौधारोपण अभियान चलाया गया था लेकिन जिम्मेदारों ने सैकड़ों पेड़ फुटपाथ पर छोड़ दिए जो सूख गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन पौधो को लगाने की सुधि किसी को नहीं आई। यह स्थिति तब है जब कुकरैल बंधे पर तमाम ऐसे स्थान हैं जहां पौधे लगाए जाने हैं। यहां डिवाइडर और फुटपाथ पर सैकडों पौधे लगा दिए गए हैं लेकिन इन पौधों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। यह स्थिति तब है जब शासन स्तर पर यह निर्देश जारी किए गए हैं कि जहां पौधे सुरक्षित रहें उन्हीं स्थानों पर पौधे लगाए जाए या उनकी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ट्री- गार्ड लगा कर पौधों का रोपण किया जाए। इससे पौधे सुरक्षित रह सकेंगे। कुकरैल बंधे के आसपास हजारों की संख्या में घूम रहे मवेशियों के कारण लगाए गए पौधे असुरक्षित हैं। हकीकत यह है कि कुछ विभागों के लिए पौधरोपण करना एक औपचारिकता बन गई है। हैरानी की बात यह है कि शहर में हर साल पौधे रोपे जाते हैं, लेकिन उनकी हिफाजत की कोई व्यवस्था नहीं की जाती है, लिहाजा हजारों पेड़ सूख चुके हैं। बचे पेड़ों की देखरेख तक नहीं की जाती है। न उनको समय पर पानी दिया जाता है न उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हंै। ऐसे में पौधे सूख जाते हैं या उन्हें मवेशी खा जाते हैं।

औपचारिकता बन गया अभियान
पौधरोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों को लेकर जिस प्रकार की लापरवाही की जा रही है,उससे साफ है कि यह अभियान केवल औपचारिकता बन चुका है। अधिकारी भी इसको गंभीरता से नहीं लेते हैं। बस एक दिन पौधरोपण कार्यक्रम को संचालित कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। यही वजह है कि हर साल लाखों पौधों के लगाए जाने के बाद भी प्रदेश में हरियाली में इजाफा होता नहीं दिख रहा है।

मवेशी चट कर रहे पौधे
बीते एक सप्ताह से पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित कुकरैल बंधा रोड के फुटपाथ और डिवाइडर पर पौधारोपण किया गया लेकिन इन पौधो की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पौधों को सुरक्षित रखने के लिए ट्री-गार्ड नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में आसपास के मवेशी इन पौधों को चट कर रहे हैं। यही हाल दूसरी जगहों पर भी है।

हर साल पौधे रोपे जाते हैं, लेकिन उनकी हिफाजत की कोई व्यवस्था नहीं की जाती है, लिहाजा हजारों पेड़ सूख चुके हैं। बचे पेड़ों की देखरेख तक नहीं की जाती है। न उनको समय पर पानी दिया जाता है न उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हंै। ऐसे में पौधे सूख जाते हैं या उन्हें मवेशी खा जाते हैं। 

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