सीएम योगी ने की सहारनपुर पर सौगातों की बारिश

  • गंगोह में मुख्यमंत्री को सुनने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़
  • लाभार्थी मेले का भी किया शुभारंभ, वितरित किए प्रमाण पत्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सहारनपुर में सौगातों की बारिश की। सीएम ने 168 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही लाभार्थी मेले का भी शुभारंभ किया। गंगोह में मुख्यमंत्री को सुनने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दोपहर सहारनपुर के सरसावा एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिए गंगोह स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। यहां भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी मेले का शुभारंभ किया। इसके अलावा सीएम ने करोड़ों की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए। गंगोह में उनको सुनने के लिए आसपास के जिलों से भी लोगों की भीड़ पहुंची थी। इस मौके पर मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, राज्यसभा सांसद विजयपाल सिंह तोमर, क्षेत्रीय महामंत्री मोहित बेनीवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की सभा को देखते हुए सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। जनसभा के दौरान चप्पे-चप्पे पर पहरा रहा। पीएसी और आरएएफ के जवान सुरक्षा में तैनात रहे।

आईएएस उमेश प्रताप सिंह पर पत्नी की हत्या का मुकदमा दर्ज

  • चिनहट थाने में एफआईआर दर्ज सूडा निदेशक है उमेश प्रताप सिंह

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (सूडा) उत्तर प्रदेश के निदेशक उमेश प्रताप सिंह के खिलाफ अपनी पत्नी अनीता की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर अनीता के चचेरे भाई राजीव कुमार सिंह ने चिनहट थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने राजीव कुमार सिंह की तहरीर के आधार पर उमेश प्रताप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मूल रूप से प्रतापगढ़ निवासी उमेश प्रताप सिंह और अनीता की शादी 1996 में हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। वर्तमान ने उनका परिवार लखनऊ में ही रहता है। राजीव के मुताबिक 1 सितंबर को सूचना मिली की अनिता ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। जब परिजन घटना स्थल पर पहुंचे तो उन्हें मामला संदिग्ध लगा। उमेश प्रताप सिंह व अनीता के संबंध मधुर नहीं थे। वह कहा करती थी उसके साथ अनहोनी हो सकती है, लेकिन बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर वह पति के साथ रहती थी। अनीता ने सीने में गोली मारी थी। उसके सिर में भी गहरी चोट के निशान थे। ऐसा लग रहा था कि उसे गोली मारी गई या मारपीट कर गोली मारने के लिए मजबूर किया गया। यदि अनीता की मानसिक हालत सही नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था तो उसे गोली से भरी पिस्टल कहां से मिल गई?

निदेशक के चरित्र पर भी उठाये सवाल
अनीता के मायके वालों का आरोप है कि उमेश प्रताप सिंह के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे। जिसको लेकर उनकी पत्नी के साथ लड़ाई होती रहती थी। वह जब टोकती तो उसके साथ मारपीट होती थी। लेकिन परिवार के सभी लोगों के समझाने की वजह से और बच्चों के भविष्य की खातिर वह पति के साथ रह रही थी।

जांच प्रभावित करने के आरोप
राजीव कुमार सिंह का आरोप है कि उमेश प्रताप सिंह एक आईएएस हैं। वे सूडा में निदेशक के पद पर तैनात हैं, इसलिए वह अपने रसूख का इस्तेमाल कर अनीता की हत्या से जुड़े मामले की जांच को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए पुलिस से मांग की है कि तत्काल प्रभाव के उमेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाये। इसके बाद मामले की जांच की जाए ताकि घटना की निष्पक्ष जांच हो सके।

एयरसेल मैक्सिस केस पी. चिदंबरम और कार्ति की अग्रिम जमानत के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचीं जांच एजेंसियां

  • सीबीआई और ईडी ने रॉगेट्री लेटर दाखिल करने के लिए मांगा समय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को एयरसेल मैक्सिस केस में अग्रिम जमानत मिलने के खिलाफ सीबीआई और ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। दोनों एजेंसियां राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा मिली अग्रिम जमानत का विरोध कर रही हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई-ईडी की तरफ से रॉगेट्री लेटर दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। जस्टिस ओपी सैनी ने इस सुनवाई को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील को पी. चिदंबरम ने बतौर वित्त मंत्री मंजूरी दी थी।

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