पाक की परमाणु युद्ध की धमकी के मायने

सवाल यह है कि पाकिस्तान परमाणु युद्ध की धमकी क्यों दे रहा है? क्या पाकिस्तान को इसके अंजाम का पता नहीं है? क्या एशिया में परमाणु युद्ध की संभावना जताकर वह विश्व के देशों पर दबाव बनाना चाहता है? क्या दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान के पास सामान्य युद्ध भी लडऩे की हैसियत बची है? क्या वह अंदरूनी मामलों से आवाम का ध्यान भटकाने के लिए ऐसी चालें चल रहा है?

Sanjay sharma

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के हटने से बौखलाया पाकिस्तान अब भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दे रहा है। पाकिस्तानी सेना सीमा पर गोलीबारी कर रही है। वह भारतीय स्कूलों व रिहायशी इलाकों को निशाना बना रही है। उसने आतंकियों को भी सक्रिय कर दिया है। यही नहीं पाकिस्तान ने गजनवी मिसाइल का परीक्षण भी कर दिया है। सवाल यह है कि पाकिस्तान परमाणु युद्ध की धमकी क्यों दे रहा है? क्या पाकिस्तान को इसके अंजाम का पता नहीं है? क्या एशिया में परमाणु युद्ध की संभावना जताकर वह विश्व के देशों पर दबाव बनाना चाहता है? क्या दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान के पास सामान्य युद्ध भी लडऩे की हैसियत बची है? क्या वह अंदरूनी मामलों से आवाम का ध्यान भटकाने के लिए ऐसी चालें चल रहा है? क्या पाकिस्तान बलुचिस्तान और सिंधु देश को स्वतंत्र करने की मांग को दुनिया से छिपाने की कोशिश कर रहा है? क्या पाकिस्तान को इन चालों का कोई फायदा मिल सकेगा?
जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद से ही पाकिस्तान के हुक्मरान भारत के खिलाफ भडक़ाऊ बयानबाजी कर रहे हैं। वे इस मामले को न केवल संयुक्त राष्टï्र बल्कि अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों के सामने भी रख चुके हैं। इन देशों ने जम्मू-कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताकर पाकिस्तानी गुब्बारे की हवा निकाल दी है। तमाम मुस्लिम देशों ने भी भारत का समर्थन किया है। वैश्विक कूटनीति में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान परमाणु युद्ध की धमकी देने लगे हैं। उनके एक मंत्री ने तो भारत से युद्ध का महीना तक बता दिया। दरअसल, इमरान परमाणु युद्ध की आशंका जताकर दुनिया के शक्तिशाली देशों पर दबाव बनाना चाहते हैं। वहीं पाकिस्तान में उथल-पुथल मची है। महंगाई चरम पर है। पाकिस्तान आर्थिक रूप से पस्त हो चुका है। अमेरिका भी आर्थिक मदद देने से कतरा रहा है। आवाम में इमरान और सेना को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर बलुचिस्तान और सिंधु क्षेत्र में अलग देश की मांग तेज होने लगी है। बलूच सडक़ों पर उतर आए हैं। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध छेड़ दिया है। पाकिस्तान सरकार नहीं चाहती कि बलूचिस्तान और सिंधु देश के आंदोलन पर दुनिया की नजर जाए। लिहाजा वे आवाम को भटकाने के लिए परमाणु युद्ध का राग अलाप रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान के हुक्मरान यह भूल रहे हैं कि दुनिया अब उनके झांसे में आने वाली नहीं। जहां तक परमाणु युद्ध का सवाल है तो यदि पाकिस्तान ने भारत पर परमाणु हमला करने की जुर्रत की तो वह उसका शायद आखिरी दिन साबित हो।

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