भाजपा सरकार में मेक इन इण्डिया का शो हो गया फ्लाप: अखिलेश यादव

किसानों की समस्या को लेकर साधा निशाना

सपा मुखिया ने कहा कि किसान पशुओं से परेशान हैं। खेतों में उन्हें तार लगाना पड़ा है। राजधानी लखनऊ में सांड़ों का उत्पात बढ़ा तब हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई। किसान को 2 हजार रूपए मिले तो वह खुश हो गये। वह भूल गए कि भाजपा सरकार में खाद की बोरी से 5 किलो की चोरी कर ली गई। यह भी कहा कि हमने पुलिस में भर्ती आसान की थी। फिर सरकार बनी तो फिर वैसी भर्ती होगी। हमारे ऊपर जातिवाद का आरोप लगाने वाले अपनी भर्तियों का रिजल्ट देख लें।

  • कहा, सरकार के निर्णय ही बता रहे देश में मंदी की मार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बढ़ती महंगाई, मंदी और बेरोजगारी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने फिरोजाबाद में एक पुस्तकालय भवन का लोकार्पण करने के बाद कहा कि भाजपा की सरकार ने देश को बर्बाद कर दिया है। यह सरकार 110 करोड़ लोगों के लिए काम नहीं कर रही बल्कि 20 करोड़ लोगों के लिए काम कर रही है। सरकार के निर्णय खुद ही बता रहे है कि देश में मंदी की मार है। कम्पनियां बंद हो रही हैं। सभी क्षेत्रों में नौकरियां जा रही है। टेक्सटाइल हो या आटो मोबाइल सभी क्षेत्र नीचे जा रहे हैं। मेक इन इण्डिया का शो-फ्लाप हो गया है। इस सरकार में विकास का बुनियादी ढांचा तक नहीं बन सका।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज सब प्राइवेट होता जा रहा है। आउटसोर्स चल रहा है। साधन उनके हाथ में है जो संख्या में कम हैं। हमें अपनी मेहनत से स्टेटस पाना है, अपने को साबित करना है। इसके लिए बड़े काम करने होंगे। बड़े अस्पताल, बड़े कॉलेज खोलने होंगे तभी नौकरियां सृजित होंगी। उन्होंने कहा भाजपाई बुद्धि से तेज हैं। वे बहकाने में आगे हैं। वोट के लिए डीजल-पेट्रोल पर चुनाव से पहले वैट हटा लिया था, चुनाव बाद वैट लगा दिया। जबकि समाजवादी सरकार में प्रदेश का जितना विकास हुआ उसका कोई मुकाबला नहीं। भाजपा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी सडक़ अभी तक नहीं बना सकी। जहां कोई जाता नहीं था वहां से लोग गुजरते हैं तो इस सडक़ की तारीफ करते हैं। समाजवादी सरकार में मेट्रो चली। भाजपा राज में एक यूनिट बिजली नहीं बनी और न ही एक भी नया विद्युत सब स्टेशन बना। अब बढ़ा हुआ बिजली का बिल आएगा। अखिलेश ने कहा कि अब हमें भी संकल्प लेना है कि हम समाजवादी देश बनाएंगे। ऐसी ताकतें हैं जो हमारे बीच नफरत फैला रही हैं। जो हमारे गठबंधन से घबराते थे वे ही वैमनस्यता फैला रहे हैं। उनके राष्ट्रवाद में हम शामिल नहीं हैं।

 

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