नगर पंचायतों के सीमा विस्तार को योगी ने ठुकराया

  • कहा, सीमा विस्तार के औचित्य के बारे में सही जानकारी दें विभाग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर पंचायत बनाने संबंधी सभी प्रस्तावों को नगर विकास विभाग को लौटा दिया है। इसमें 11 नई नगर पंचायतों और चार नगर पंचायतों का सीमा विस्तार किए जाने का प्रस्ताव था। मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों को लौटाते हुए इसके औचित्य के बारे में विभाग से पूछा है।
नगर विकास विभाग जरुरत के आधार पर नई नगर पंचायतें बनाता है और आबादी बढऩे के आधार पर इनकी सीमाओं का विस्तार करता है। नगर विकास विभाग ने 15 नगर पंचायतों का प्रस्ताव कैबिनेट मंजूरी के लिए तैयार कराया था। इनमें 11 नई नगर पंचायत बनाने और चार के सीमा विस्तार का प्रस्ताव था। मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद इन सभी प्रस्तावों को कैबिनेट मंजूरी के लिए रखा जाता, लेकिन इसे वापस कर दिया गया है। लखीमपुर की निघासन, महराजगंज की बृजमनगंज, संतकबीरनगर की बेलकरकला व बाघनगर, सिद्धार्थनगर की बिस्कोहर, इटवा व कपिलवस्तु, प्रतापगढ़ की सुवंशा, मैनपुरी की बरनाहल, फर्रुखाबाद की नवाबगंज व सुलतानपुर की लम्भुआ को नगर पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सीतापुर की तम्बौर, रायबरेली की महराजगंज, सिद्धार्थनगर की शोहरतगढ़ और प्रयागराज की झूंसी नगर पंचायत का सीमा विस्तार किए जाने संबंधी प्रस्ताव है। नई नगर पंचायत व पालिका परिषदों का गठन दिसंबर तक किया जा सकता है। इसके बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम शुरू हो जाएगा।

समयबद्ध तरीके से निपटाएं विभागीय जांच: अनूप

  • कहा, गंभीर मामलों में ही अफसरों को करें निलंबित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय ने प्रदेश के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि अफसरों और कर्मचारियों की विभागीय जांच के मामले नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निपटाए जाएं।
अनूप चंद्र पांडेय ने बुधवार को यह भी निर्देश दिए हैं कि गंभीर मामलों में ही अफसरों को निलंबित किया जाए। जिससे आरोप साबित होने पर ऐसे अफसरों को वृहद दंड दिया जा सके। यह भी कहा कि 48 घंटे से अधिक समय तक जेल में रहने या दोष सिद्ध होने के 48 घंटे के अंदर अफसर को निलंबित किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा है कि निलंबित अफसरों को अपने निलंबन के दौरान उपादान भत्ता पाने का अधिकार है। उन्होंने अफसरों से यूपी सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

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