गरीबी को समाप्त करना चाहती है सरकार: योगी

  • एक भारत और श्रेष्ठï भारत की संकल्पना को बढ़ाना है आगे
  • मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विवि के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व सीएम ने की शिरकत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमटीयू) में आयोजित चतुर्थ दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीक्षांत समारोह भारत की प्राचीन गुरुकुल की परंपरा को आगे बढ़ाता है। धर्म सिर्फ उपासना की विधि नहीं यह जीवन की पद्धति है। जीवन कुछ न कुछ सीखते रहने का नाम है। हमें एक भारत श्रेष्ठï भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाना है। भीड़तंत्र का हिस्सा बनकर हम कभी किसी के लिए प्रेरणा नहीं बन सकते। हम देश से गरीबी और भुखमरी को समाप्त करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हंै। मोदी सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को बिजली, स्वास्थ्य बीमा गारंटी और शौचालय दिए। चुनाव में हमने भुखमरी का मुद्दा उठाया था। सरकार ने फर्जी राशन कार्ड खत्म किए। नए लोगों को राशन क ार्ड दिया गया। तकनीक के उपयोग से सब्सिडी का एक हजार करोड़ बचाया गया। सब के पास छत, शौचालय, नौकरी हो यह संकल्प 1947 में लिया जा सकता था लेकिन 2014 के बाद यह संकल्प लिया गया। 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार आयी। सरकार ने किसानों के हजार करोड़ के ऋण माफ किये।

राज्यपाल ने दिए पदक
गोरखपुर। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) कुलाधिपति व प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और इंफोसिस कंपनी के संस्थापक पद्मविभूषण एनआर नारायणमूर्ति ने मेधावियों को पदक प्रदान किये। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने प्रख्यात कंपनी इंफोसिस के संस्थापक पद्मविभूषण से अलंकृत एन आर नारायण मूर्ति को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि से विभूषित किया। दीक्षांत समारोह के अवसर पर 2018-19 में बीटेक, एमटेक, एमबीए, एमसीए एवं पीएचडी उपाधि के लिए अर्हता प्राप्त 983 छात्र-छात्राओं को दीक्षोपदेश और उपाधि प्रदान की गई। इन परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण पदक, विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा अन्य प्रायोजित पदकों से नवाजा गया। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इस मौके पर छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दूसरी ओर पदक पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे।

चिदंबरम से पूछताछ, बचाव में उतरी कांग्रेस

  • बेटे कार्ति से कराया जा सकता है पूर्व वित्त मंत्री का आमना-सामना
  • कांग्रेस बोली, असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की हो रही कोशिश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया केस में सीबीआई पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार करने के बाद उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी इस मामले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। सीबीआई आज चिदंबरम को कोर्ट में पेश करेगी। वहीं कांग्रेस पूर्व वित्त मंत्री के बचाव में उतर आई है। पार्टी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह गिरफ्तारी की गई है। कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया।
केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ लंबी लुकाछिपी के बाद आखिरकार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। सीबीआइ आज राऊज एवेन्यू कोर्ट में उन्हें पेश करेगी। जांच एजेंसी अदालत से चिदंबरम की हिरासत मांगेगी। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भारत ने पिछले दो दिन में लोकतंत्र और कानून व्यवस्था की दिनदिहाड़े हत्या होते देखा। एक वरिष्ठ नेता को बिना किसी कानूनी आधार के गिरफ्तार कर लिया गया। देश का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है। यह बदले की कार्रवाई है।

अयोध्या केस पर सुनवाई ’मुस्लिम पक्ष ने हिंदुओं को जमीन देने के लिए दिया था हलफनामा‘

  • वकील के दावे पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर रोजाना सुनवाई जारी है। गोपाल सिंह विशारद की ओर से वकील रंजीत कुमार ने कोर्ट के सामने अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने दावा किया कि 1949 में मुस्लिम पक्ष ने हलफनामा दिया था कि वह 1935 से वहां पर नमाज नहीं पढ़ रहे हैं, ऐसे में अगर जमीन को हिंदुओं को दिया जाता है तो कोई परेशानी नहीं होगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामे की वैधता के बारे में पूछा। कोर्ट ने पूछा, क्या ये हलफनामे वेरिफाई हैं।
जस्टिस बोबड़े ने कहा कि ये हलफनामा तब दिया गया था जब सरकार जमीन को रिसीवर को सौंपना चाह रही थी। क्या ये बातें कभी मजिस्ट्रेट के सामने प्रूव हो पाई थीं? गौरतलब है कि गोपाल सिंह विशारद ने 1950 में इस मामले में मुकदमा दाखिल किया गया था और उनका सूट नंबर एक है। बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में पहले मध्यस्थता का रास्ता अपनाने को कहा था लेकिन कोई हल नहीं निकलने पर रोजाना सुनवाई कर रही है।

 

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