विदेश भाग सकते हैं चिदंबरम, लुक आउट नोटिस जारी

  • गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में की अपील
  • पीठ ने कहा सीजेआई ही सुनेंगे आपका मामला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक से संबंधित याचिका अब सीजेआई को बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली आईएनएक्स मीडिया मामले में अग्रिम जमानत को खारिज करने के खिलाफ चिदंबरम की याचिका को सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई के सामने रखा जाएगा ताकि तत्काल सूचीबद्ध करने पर विचार किया जा सके। इस बीच ईडी और सीबीआई ने चिदंबरम के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। वहीं राहुल गांधी ने
राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, ‘मोदी सरकार ईडी, सीबीआई और मीडिया का गलत इस्तेमाल कर पी. चिदंबरम की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। मैं मोदी सरकार के द्वारा सत्ता के इस गलत इस्तेमाल की कड़ी निंदा करता हूं।’
देश के सभी एयरपोर्ट को चिदंबरम पर जारी लुकआउट सर्कुलर की जानकारी दी गई है। यदि पूर्व वित्तमंत्री देश से बाहर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें इजाजत नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में ईडी और सीबीआई की तरफ से कैविएट दाखिल किया गया है कि अदालत उनकी दलील सुने बिना कोई फैसला न सुनाए। कैविएट दाखिल करने का मकसद ये होता है कि अदालत सिर्फ याचिकाकर्ता की दलीलों को सुनकर किसी तरह का फैसला ना दे दे, बल्कि उनकी भी दलील सुने। इस दौरान ईडी व सीबीआई अदालत को बताएंगी कि पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी क्यों जरूरी है और उनकी जमानत याचिका क्यों रद्द होनी चाहिए। वहीं जस्टिस एन वी रमण ने चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल से कहा कि इस मामले को सीजेआई रंजन गोगोई के समक्ष रखा जाएगा।
ईडी और सीबीआई की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि यह बड़े आकार की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। इसमें चूक सही नहीं है। वहीं सिब्बल ने शीर्ष अदालत को बताया कि चिदंबरम की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच एजेंसियों ने चिदंबरम के घर पर एक नोटिस चिपकाया है कि उन्हें दो घंटे के भीतर उनके सामने पेश होना है। वहीं लुक आउट नोटिस जारी होने से चिदंबरम का देश के बाहर निकलना भी मुश्किल है।
बता दें, चिदंबरम की गिरफ्तारी को लेकर सीबीआई और ईडी की टीमों ने कल उनके आवास पर छापा मारा था लेकिन वे घर पर मौजूद नहीं थे। चिदंबरम के मोबाइल नंबर पर फोन किया गया तो वह भी स्विच ऑफ मिला। इसके बाद से ही चिदंबरम की तलाश में ईडी और सीबीआई की टीमें जुटी हैं।

बरसात में गिरा घर, तीन की मौत

  • दो व्यक्तियों की हालत अभी भी गंभीर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अमेठी के फुरसतगंज थानाक्षेत्र के ब्रम्हनी गांव में आज तडक़े तेज बरसात के बीच एक पक्का मकान भरभराकर गिर गया, जिसमें दबकर तीन लोगों की मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। हादसे के वक्त सभी लोग सो रहे थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह व एसडीएम सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। परिजनों से घटना की जानकारी ली। पीडि़त परिवार को ढांढस बंधाया। विधायक ने पीडि़त परिवार को सरकारी सहायता दिलाने के लिए एसडीएम को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक बहादुरपुर विकास खंड अंतर्गत फुरसतगंज थानाक्षेत्र के ब्रम्हनी गांव निवासी कमलाकर सिंह (52) का पक्का मकान तेज बारिश के चलते भरभराकर गिर गया। जिसके मलबे में दबने से उनकी मां सरस्वती सिंह (75), बहन बीना (30) व बांजे राज (15) की मौत हो गई। हादसे में कमलाकर व उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं एसडीएम सुनील कुमार ने बताया कि हादसे की जांच रिपोर्ट के आने के बाद परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। ग्राम प्रधान को पीडि़त परिवार की तात्कालिक मदद के लिए निर्देश दिया गया है।

जल भराव

गर्मी से परेशान लोगों और किसानों को भले ही बारिश के कारण राहत मिली हो लेकिन शहरी क्षेत्र में बरसात का पानी बहुत से लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। यहां पिछले करीब आठ घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण गली-मोहल्लों, कॉलोनियों के साथ-साथ सडक़ों पर भी जलभराव की समस्या हो गई है। इस कारण लोगों का घर से निकलना और रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है।

नाका अग्निकांड के बाद दिखी प्रशासन की सख्ती अब शहर में अवैध रूप से बने होटलों में नहीं छलकेंगे जाम

  • एलडीए की ओर से जारी पूर्णता प्रमाण पत्र समेत नियमों का करना होगा पालन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में अवैध रूप से बनी बिल्डिंगों और होटलों को अब आसानी से बार लाइसेंस नहीं मिल पायेगा। शासन स्तर पर ऐसे प्रतिष्ठानों की छानबीन की जा रही है जो जुगाड़ के दम पर बार लाइसेंस लेने में कामयाब हो जाते हैं। प्रशासन ने तय किया है कि ऐसी बिल्डिंगों और होटलों को बार लाइसेंस नहीं दिया जाएगा जिनके पास एलडीए का पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं है। यह भी तय है कि होटलों और बिल्डिगों को पूर्णता का प्रमाण पत्र एलडीए ही देगा।
इस संबंध में आगामी 28 अगस्त को कमिश्नर अनिल गर्ग की अध्यक्षता में जिलाधिकारी, एसएसपी, आबकारी आयुक्त, एलडीए सचिव व सीटीपी समेत अग्निशमन अधिकारी को बुलाया गया है। बैठक में एलडीए को कई दस्तावेज होटलों के पूर्णता प्रमाण पत्र से संबंध में उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा बिल्डिंगों और होटलों के लिए सीसीटीवी कैमरे व अग्निशमक विभाग की एनओसी का होना भी जरूरी होगा। यही नहीं नियमों के विपरीत लाइसेंस जारी किया गया तो संबंधित पर कार्रवाई भी होगी।
बता दें कि पिछले साल नाका में होटल अग्निकांड के बाद से बार लाइसेंस को लेकर आबकारी से लेकर जिला प्रशासन के अफसर तक सख्त हो गए हैं। शहर में दोबारा ऐसी घटना न हो इसको लेकर मानकों के विपरीत बने होटलों को बार लाइसेंस न दिए जाने की तैयारी है। इस बैठक के संबंध में अपर आयुक्त (प्रशासन) रण विजय यादव ने संबंधित विभागों को पत्र जारी किया है।

 

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