महिला अस्पतालों पर लटक रहे ताले

  • सालों बाद भी नहीं शुरू हो सके अस्पताल, मरीजों को नहीं मिल पा रहा इलाज
  • ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सा के लिए बनाए गए थे अस्पताल
  • आज तक नहीं हुई स्टाफ की भर्ती, स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सरकार के तमाम दावों के बावजूद राजधानी में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आती नहीं दिख रही हैं। ग्रामीण इलाकों में हालात और भी खराब होते जा रहे हैं। लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में बने तीन महिला अस्पतालों पर ताला लटक रहा है। इसके कारण स्थानीय लोगों को इलाज नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों के जल्द शुरू करने का आश्वासन भर दे रहा है।
लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में महिला मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 10 करोड़ की लागत से तीन महिला अस्पतालों में पिछले कई वर्षों से ताला लटक रहा है। स्वास्थ्य विभाग आज तक इन अस्पतालों को शुरू नहीं करा पाया है। लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में महात्मा गांधी स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। यह कई वर्षों से बदहाल पड़ा है। इस स्वास्थ्य केंद्र की सुध 2013 में सपा सरकार में ली गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने इसका जीर्णोद्धार कराया। अस्पताल का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा सरकार ने 2014 में इसी परिसर में 50 बेड के नए महिला अस्पताल की नींव रखी थी। मार्च 2016 में 478 लाख की लागत से इस भवन का निर्माण कार्य पूरा हुआ। बावजूद इसके यहां लोगों को चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों का इलाज तो दूर इसका ताला तक नहीं खुल सका है। इसके अलावा माल और मलिहाबाद क्षेत्र में 30 बेड के दो महिला अस्पताल भी दो साल पहले बनकर तैयार हो चुके हैं लेकिन ये भी बंद पड़े हैं। वहीं दूसरी ओर इस मामले में स्वास्थ्य विभाग लगातार आश्वासन दे रहा है।

सीएचसी और पीएचसी भी बदहाल
राजधानी के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत भी खराब है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक अक्सर नदारद रहते हैं। लिहाजा यहां आने वाले मरीज इलाज के लिए राजधानी के जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टीकाकरण के केंद्र बन चुके हैं। यहां इलाज मिलना मुश्किल हो चुका है। इन अस्पतालों में तैनात कई चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त हैं। शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई से कतरा रहा है।

तीनों सेंटरों को शुरू कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। स्टाफ की तैनाती कर इनको जल्द शुरू किया जाएगा।
-डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ

Loading...
Pin It

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.