अच्छे विजन से होती है बेहतरीन फोटोग्राफी: त्रिलोचन कालरा

  • विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आयोजित वर्कशॉप में रखे विचार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्के
लखनऊ। विश्व फोटोग्राफी दिवस पर बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में बचपन एक्सप्रेस एवं राष्ट्रीय कला मंच के सहयोग से एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में वरिष्ठ फोटो पत्रकार त्रिलोचन कालरा ने कहा कि फोटो खींचने के लिए किसी महंगे कैमरे की जरूरत नहीं होती है। फोटो खींचने के लिए एक क्रिएटिव मस्तिष्क की आवश्यकता है।
त्रिलोचन कालरा ने कार्यशाला के दौरान अपने अनुभव को छात्रों से साझा करते हुए बताया कि किस तरह डिजिटल फोटोग्राफी के पहले जब फिल्में होती थीं तो क्या-क्या मुसीबतें आती थीं। उन्होंने कहा कि अब तो हम जिस फोटो को डिलीट करना हो उसे आसानी से डिलीट कर देते हैं। बहुत सारे ऐसे टूल आ गए हैं जिनकी सहायता से आप फोटोग्राफ में मनचाहा परिवर्तन कर सकते हैं। लेकिन पहले ऐसी सुविधा नहीं थी। त्रिलोचन कालरा ने बच्चों को अपना काम दिखाया और बताया कि किस तरह अपर्चर, शटर स्पीड या फोकस का इस्तेमाल फोटोग्राफी में किया जा सकता है। इस मौके पर पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद जी पांडे ने त्रिलोचन कालरा के बारे में बताते हुए कहा कि जिस तरह से इन्होंने फोटो पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना नाम स्थापित किया है, उसमें एक सबसे बड़ा कारण जिज्ञासा है। अगर किसी व्यक्ति में जिज्ञासा नहीं है या वो तैयार नहीं है तो वह फोटोग्राफी नहीं कर पाएगा। वहीं प्रोफेसर गोविंद जी पांडे ने विश्व फोटोग्राफी डे पर कालरा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।

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