आईएसआई के चार एजेंट सीमा में दाखिल देश भर में हाई अलर्ट जारी

  • धार्मिक स्थलों के बाहर आतंकी हमलों के मद्देनजर बढ़ाई गई सुरक्षा
  • भीड़-भाड़ वाले इलाकों और रेलवे तथा बस स्टेशनों को निशाना बनाए जाने की आशंका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने का मुद्दा वैश्विक स्तर पर उठाने के बाद भी पाकिस्तान के हाथ निराशा ही लगी है। ऐसे में अब शायद पाकिस्तान ने भारत में अशांति फैलाने के लिए दूसरा रास्ता चुना है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के एजेंट के साथ चार आतंकी भारत में दाखिल हो गए हैं। इसे लेकर राजस्थान और गुजरात बॉर्डर समेत पूरे देश में पुलिस और सेना को अलर्ट जारी कर दिया गया है। ये आतंकवादी अफगानिस्तानी पासपोर्ट के जरिए भारत में दाखिल हुए हैं। आतंकी भीड़-भाड़ वाले इलाके, होटल, ढाबा, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों को निशाना बना सकते हैं। इसलिए खासतौर पर ऐसी जगहों पर सेना और पुलिस को नजर रखने के लिए कहा गया है।
बता दें, कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। सीमा पर लगातार गोलीबारी और आतंकियों की घुसपैठ कराने में जुटा है। गुजरात में त्यौहारों

आईबी एजेंसियों से मिले इनपुट

सरकार को आईबी एजेंसियों से इनपुट मिले हैं। इसलिए सुरक्षाकर्मी वाहनों की सघन जांच कर रहे हैं। राजस्थान से गुजरात में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है। यहां के सुप्रसिद्ध शामलाजी मंदिर में भी बुलेट प्रूफ जैकेट और अत्याधुनिक शस्त्रों के साथ सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। यहां बनासकांठा की गुंदरी, खोड़ा चेकपोस्ट पर सुरक्षाकर्मियों को बढ़ा दिया गया है। आईबी एजेंसियों के इनपुट के बाद केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार के अलर्ट के आदेश दिये हैं। सरकार ने अहमदाबाद, सूरत, वड़ोदरा, राजकोट सहित मेट्रोसिटी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। साथ ही साथ सोमनाथ, अंबाजी, द्वारका और डाकोर सहित अन्य यात्रा धामों की निगरानी बढ़ा दी गयी है। यहां समुद्री सुरक्षा भी सख्त कर दी गई है। नेवी और कोस्टगार्ड की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।

भारतीय क्षेत्र में घुसा पाकिस्तानी ड्रोन

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन कुछ समय के लिए भारतीय क्षेत्र में घुस आया। जवानों के मुताबिक कुछ देर तक हवा में मंडराने के बाद ड्रोन वापस चला गया। ऐसा लग रहा था कि वह इलाके की रेकी करने के मकसद से सीमा पार से भेजा गया है। यह घटना सोमवार देर रात की है। आरएस पुरा के मंगराल अग्रिम भारतीय पोस्ट और उससे सटे रिहायशी इलाकों में मंडराने के बाद ड्रोन वापस पाकिस्तान लौट गया। इस घटना को लेकर इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।

प्रदेश सरकार की गड्ढा मुक्त सडक़ की हकीकत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश की सत्ता पर काबिज होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सूबे की सडक़ों को गड्ढा मुक्त करने का संकल्प लिया था। इस काम को पूरा करने की शुरूआत भी जोर-शोर से हुई। सडक़ें गड्ढामुक्त करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी। लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हुआ। नतीजतन समय सीमा में कई बार परिवर्तन किया गया। इस काम में करोड़ों रूपये के बजट का वारा-न्यारा हो चुका है। इन सबके बावजूद प्रदेश की सडक़ें गड्ढा मुक्त नहीं हो पाईं। इसका सबसे बड़ा कारण जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सडक़ें हैं, जो एक बरसात भी नहीं झेल पा रही हैं।
ताजा उदाहरण राजधानी में पारा से मोहान होते हुए आगरा-एक्सप्रेस-वे तक जाने वाली सडक़ का है। यह सडक़ हर साल बारिश में गड्ढों में तब्दील हो जाती है। इस बार भी सडक़ पर बड़े-बड़े 20 से अधिक गड्ढे हो गये हैं। जो जानलेवा साबित हो रहे हैं। यहां रोजाना लोग गिरकर घायल होते रहते हैं। आज सुबह मोहान रोड से गुजर रहा एक ट्रक गड्ढे में बुरी तरह फंस गया। ड्राइवर ने समय रहते ट्रक से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं सडक़ के बीचोबीच ट्रक फंसे होने की वजह से मोहान रोड और आगरा एक्सप्रेस-वे की तरफ जाने वालों को भी मुसीबत का सामना करना पड़ा।

वरिष्ठ नेता अखिलेश सिंह का निधन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। रायबरेली में ‘विधायक जी’ के नाम से मशहूर अखिलेश सिंह का आज सुबह पीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रायबरेली सदर विधानसभा सीट से उनकी बेटी अदिति सिंह कांग्रेस की विधायक हैं। अपनी बीमारी की वजह से ही अखिलेश सिंह ने अपनी बेटी को राजनीति के मैदान में उतारा था।
अखिलेश सिंह की छवि एक बाहुबली की रही थी, उन पर कई मामले दर्ज थे। इसके बाद भी लोग उन्हें पसंद करते थे और हर बार वे आसानी से चुनाव जीत जाते थे। हालांकि पिछले 10 सालों से उनकी तबियत ठीक नहीं रहती थी और उनकी जीत का मार्जिन कम होता जा रहा था। बता दें, रायबरेली वैसे तो कांग्रेस और सोनिया गांधी के कारण जाना जाता है लेकिन जब बात रायबरेली सदर की हो तो यहां केवल और केवल अखिलेश सिंह का ही सिक्का चलता रहा है। रायबरेली लखनऊ से सटा है और वीआईपी इलाका है। 1951 में फिरोज गांधी यहां से चुनाव जीते थे, 1967 में इंदिरा गांधी। इसके बाद बीच में थोड़ी उठापटक जरूर हुई लेकिन 2004 से अभी तक सोनिया गांधी यहां से सांसद हैं।

तहसील दिवस में डीएम ने लगाई फटकार

  • आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों पर जताई नाराजगी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री की तरफ से चेतावनी मिलने के बाद भी बहुत से अधिकारी और कर्मचारी जनता की शिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। इस कारण आईजीआरएस में आने वाली बहुत सी शिकायतें लंबित रहती हैं। फर्जी निस्तारण किया जा रहा है। ऐसे में आज लखनऊ के डीएम कौशल राज शर्मा ने तहसील दिवस के दौरान मोहनलालगंज तहसील में आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। इसके साथ ही लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें समय से और गुणवत्तापरक समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आईजीआरएस पर आने वाली सारी शिकायतों का समय से और गुणवत्तापरक समाधान होना चाहिए। अधिकारी और कर्मचारी शिकायतकर्ता की संतुष्टि का ध्यान रखें और मामले को निस्तारित कर समस्या को जड़ से समाप्त करें। यह भी कहा कि जो अधिकारी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने आज तहसील दिवस में आने वाले सभी प्रकरणों का शाम तक निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

 

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