भाजपा का नया कमाल, सिक्किम में दस विधायक हुए पार्टी में शामिल

  • सिक्किम में आज तक नहीं खुल पाया था भाजपा का खाता
  • भाजपा की रणनीति से विपक्ष के दस विधायक हुए पार्टी में शामिल
  • सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 15 में से 10 विधायक ने ज्वाइन की भाजपा
  • पूर्वोंत्तर के अहम राज्य में भगवा फहराने से भाजपा गदगद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पूरी मेहनत करने के बावजूद सिक्किम में भारतीय जनता पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी मगर अब सिक्किम में भाजपा ने जो दांव चला है, उससे सभी पसीने-पसीने हो गए हैं। सिक्किम में 25 सालों तक शासन करने वाली सिक्किम डेमोके्रटिक फ्रंट के 15 में से 10 विधायकों ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। आज इन विधायकों ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव राम माधव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा अपनी इस रणनीति से बेहद गदगद है। देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले पवन चामलिंग की पार्टी इस बार चुनाव में कोई करिश्मा नहीं दिखा पाई थी और 15 विधायकों के साथ विपक्ष में बैठी थीं। चुनाव में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा को 17 सीटें हासिल हुई थीं और प्रेम सिंह तमांग मुख्यमंत्री बने थे। आज के घटनाक्रम में पांच बार सीएम रह चुके पवन चामलिंग और चार अन्य विधायकों को छोडक़र सभी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। भाजपा को लगता है कि पूर्वोंत्तर के राज्यों में सिक्किम का घटनाक्रम इसका एक महत्वपूर्ण आधार बन सकता है और वह इससे पूर्वोत्तर में पार्टी का वर्चस्व बढ़ाने में कामयाब हो सकती है।

हेलीकॉप्टर भेज रहा हूं राहुल आकर देख जाओ जम्मू कश्मीर के हालात: राज्यपाल

  • राहुल गांधी के जम्मू-कश्मीर पर दिए गए बयान पर खफा हुए राज्यपाल सतपाल मलिक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक राहुल गांधी के उस बयान पर बेहद खफा हो गए हैं जिसमें उन्होंने अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद हिंसा की बात की थी। उन्होंने कहा कि वह जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए राहुल गांधी को यहां आने का न्यौता दे रहे हैं और उनके लिए एक विशेष विमान भी भेजने को तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपको ऐसी बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने में कोई साम्प्रदायिक दृष्टिïकोण नहीं है। उन्होंने कहा कि विदेशी मीडिया ने गलत रिपोर्टिंग करने का प्रयास किया और हमने उन्हें चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चंद मुट्ठïी भर लोग गलत जानकारी के आधार पर माहौल बिगाडऩे की कोशिश कर रहे हैं मगर वह कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने एक नेता के व्यवहार के बारे में शर्मिन्दा होना चाहिए जो संसद में मूर्खों की तरह बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं और कल यहां के लोगों ने उत्साह के साथ ईद मनाई।

मुझे हेलीकॉप्टर की जरूरत नहीं, बस लोगों से मिलने की दें अनुमति: राहुल गांधी

  • राज्यपाल के बयान से तमतमाए राहुल गांधी ने बोला हमला और कहा आने को हूं तैयार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राज्यपाल मलिक के निमंत्रण पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें विशेष विमान की जरूरत नहीं है। वह विपक्षी नेताओं के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हालात जानना चाहते हैं। उन्होंने ट्वीट करके राज्यपाल से कहा कि मैं विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां आना चाहता हूं। राहुल ने ट्वीट में लिखा ’प्रिय राज्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर और लद्दाख आने के आपके श्रद्धापूर्ण निमंत्रण पर विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मैं वहां आउंगा‘। दरअसल अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कांग्रेस में भी बगावत के सुर तेज होने लगे हैं। राहुल गांधी ने इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला भी बोला था। इस बयान के बाद राज्यपाल और राहुल गांधी की यह नोक-झोंक राजनीतिक सुर्खियों में बनी हुई है। राहुल गांधी के कुछ करीबी लोगों का भी मानना है कि कश्मीर को लेकर कांग्रेस की स्थिति देश में कमजोर हुई है। ऐसे में राहुल गांधी विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां जाना चाहते हैं, जिससे वहां के हालात देखकर कोई राजनीतिक टिप्पणी कर सकें।

कश्मीर पर पाबंदी हटाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार कहा-सरकार को मिले वक्त

  • अटॉर्नी जनरल बोले, हालात ठीक होते ही हटा देंगे धारा 144

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में धारा 144 हटाने की याचिका पर सुनवाई से आज इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामला संवेदनशील है, इसमें सरकार को वक्त मिलना चाहिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि ये कब तक चलेगा। इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, धारा 144 हटा देंगे। हम कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को कम से कम असुविधा हो। 1999 से हिंसा के कारण 44000 लोग मारे गए हैं। हम रोज समीक्षा कर रहे हैं। सुधार आ रहा है। इससे पहले याचिकाकर्ता की वकील मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट से कहा था कि मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया जाना चाहिए।

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