महिला सुरक्षा के दावे की

  • थानों में दर्ज आंकड़े कर रहे खुलासा, साल-दर-साल हो रहा इजाफा
  • शहरी और ग्रामीण इलाकों से घरेलू ङ्क्षहसा की आ रही शिकायतें

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। महिला सुरक्षा के दावे की पोल खुल गई है। राजधानी में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसमें साल-दर-साल इजाफा हो रहा है। वहीं पुलिस इस मामलों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। महिलाओं की सुरक्षा की बात करने वाली पुलिस भले ही कागजों में सुरक्षा की बात करती हो लेकिन हकीकत यह है कि महिलाओं के साथ लगभग तीन गुना अपराध बढ़े है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में घरेलू हिंसा के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इसकी पुष्टिï थानों में दर्ज शिकायतें कर रहीं हैं। आशा ज्योति केंद्र से लेकर महिला थाने तक पर इन मामलों के आंकड़ों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि महिलाए जागरूक हो रही हंै, इसलिए वे खुलकर घरेलू हिंसा की रिपोर्ट थानों में दर्ज करा रही हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक की महिलाएं अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर रही हैं।

केस-1

आलमबाग की रहने वाली 26 वर्षीय महिला ने आशा ज्योति केंद्र पर अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। महिला का आरोप है कि शादी के एक साल बाद से ही उसका पति उसे दहेज के साथ मामूली बातों पर जमकर मारता-पीटता है। विरोध पर परिवार वाले भी मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। मामले में आशा ज्योति केंद्र में सुनवाई हुई।

केस-2

चिनहट निवासी 30 वर्षीय महिला का आरोप हैं कि उसका पति परिवारीजनों के कहने पर उसे और बच्चों को शराब के नशे में पीटता था। पीडि़ता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। मामले में महिला थाने की इंस्पेक्टर ने सुनवाई की। पति को दोबारा मारपीट करने पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की हिदायत दी गई।

केस-3

माल इलाके की 28 वर्षीय महिला ने आशा ज्योति केंद्र में ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करवाई। महिला का आरोप था कि पति उससे मारपीट करता है। शिकायत पर ससुराल वाले उसे घर से निकालने की धमकी
देते हैं।

महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार करने की हिदायत पुलिसकर्मियों को दी गई है। यही कारण है कि महिलाएं आसानी से थाने पर आकर शिकायतें दर्ज करा रही हैं।
-शारदा चौधरी, इंस्पेक्टर, महिला थाना

घरेलू हिंसा के आंकड़े महिला थाना
2016 – 180
2017 – 207
2018 – 229
2019 – 112 जून तक

आशा ज्योति केंद्र
2016 – 118
2017 – 380
2018 – 839
2019 – 178 जून तक

 

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