संक्षिप्त खबरें

मरीज करता रहा वीडियो चैट, हो गई सर्जरी
लखनऊ।(4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) वीडियो चैट पर ज्यादातर लोग बात ही करते हैं लेकिन अगर कोई वीडियो चैट करके ब्रेन ट्यूमर की जटिल सर्जरी करवाए तो वाकई उसकी हिम्मत की दाद देनी होगी और करने वाले की भी। यह सर्जरी अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में की गई। हॉस्पिटल में उन्नाव निवासी एक 20 वर्षीय युवक के ब्रेन ट्यूमर की अवेक सर्जरी अपने परिवार के साथ वीडियो चैट करते हुए की गई। हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉक्टर रवि शंकर ने बताया कि 20 वर्षीय युवक को ब्रेन में बांयी ओर 5 सेमी का ट्यूमर था जिसकी वजह से उसका दांया हाथ और पैर कमजोर हो रहे थे। इसकी सर्जरी मरीज को बिना बेहोश किए की जाती है। चार घंटे तक चले इस आपरेशन के दौरान मरीज अपने परिवार से वीडियो चैट से सम्पर्क में था और उसकी सर्जरी कब पूर्ण हो गयी उसका उसको पता भी न चला। हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. सुशील गट्टानी ने इस सफल सर्जरी का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा कि हॉस्पिटल में आने वाले हर मरीज को बेहतर चिकित्सा सेवा देना उनका पहला उद्देश्य है।

चार शातिर बदमाश गिरफ्तार,भेजा जेल
लखनऊ।(4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) मडिय़ांव पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर चुराई गई रिवॉल्वर समेत माल और नकदी बरामद की गई है। एएसपी ट्रांसगोमती अमित कुमार के अनुसार घैला रोड पर चेकिंग होती देख भाग रहे स्कूटी सवार दो युवकों को दबोचा गया। आरोपितों की पहचान बीकेटी के कोटवा निवासी अजीत व कृष्णानगर के विजय नगर निवासी शैलेंद्र यादव उर्फ विक्की के रूप में हुई। तलाशी में रिवॉल्वर और तमंचा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपितों ने बाजारखाला निवासी इम्तियाज और कोटवा निवासी रिंकू यादव के साथ कई चोरियों की बात कबूली। इसके बाद इम्तियाज और रिंकू को भी दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार इम्तियाज के घर से 27 कारतूस, चार एलईडी, दो मोबाइक फोन, 10 चांदी के सिक्के, एक स्कूटी, जेवरात और 60 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में मडियांव, अलीगंज, जानकीपुरम, गोमतीनगर, पारा, चिनहट, गुडम्बा, हसनगंज और इंदिरानगर से 39 घरों से चोरी की बात कबूली।

पांच बार बदली गई तहरीर, अब कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस मुख्तार के प्रतिनिधि पर हमले का मामला

लखनऊ।(4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) हजरतगंज में मुख्तार अंसारी के प्रतिनिधि व उसके भाई को गोली मारने के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम आने के बाद पुलिस ने उनसे जुड़े कई लोगों की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है। वहीं धनंजय सिंह से पहले शाहिद और नामवर जाफरी ने हमले के पीछे पुराने लखनऊ के एक बड़े बिल्डर व पूर्व सांसद पर भी साजिश रचने का आरोप लगाया था। दोनों ने ट्रॉमा में पांच बार अपनी तहरीर बदली। लगातार तहरीर बदलने से पूरा मामला और भी संदिग्ध हो गया है। यूपी सरकार से हटाये गए एक कैबिनेट मंत्री के घर पर एक समारोह में पूर्व सांसद धनंजय सिंह और मुख्तार के लोगों के बीच विवाद हुआ था। सूत्रों की माने तो धनंजय के लोगों ने शाहिद को थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद अंजाम भुगतने की धमकी देकर शाहिद और नामवर लखनऊ आ गए। हत्या के आरोपित शाहिद को पुलिस सात साल तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। आरोपित राजधानी में खुलेआम लाइसेंसी पिस्टल लेकर घूमता रहा और पुलिस ने लाइसेंस रद्द करवाने की भी जहमत नहीं उठाई। पुलिस के इस रुख पर भी सवाल उठ रहे हैं। गोली मारे जाने के मामले में पुलिस को सलीम-रुस्तम-सोहराब गैंग के शूटरों पर शक है। फायरिंग में घायल भाई जमीन के एक मामले और रेलवे के कुछ ठेकों में अपने आका को धोखा दे चुके हैं। माना जा रहा है कि ऐसे में डराने के इरादे से हमला किया गया। हमलावरों का मकसद केवल घायल करना था। एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार घायलों की जानकारी लेने पर पता चला कि शाहिद के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी है। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। शाहिद पर वर्ष 2013 में दो पक्षों में हुए बवाल के दौरान हत्या का आरोप लगा है। पूरे मामले की जांच के बाद एसआईटी ने दोषी करार दिया और कोर्ट ने तीन महीने पहले उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। गोलीकांड में घायल होने के बाद खुद की गर्दन फंसती देख बुधवार को पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर में भर्ती शाहिद को हिरासत में लिया है।

Loading...
Pin It

Comments are closed.