दीर्घ दांपत्य की कामना का व्रत है हरियाली तीज

वन के पवित्र माह में तीज का त्योहार बहुत ही शुभ माना जाता है। सावन माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। इस वर्ष हरियाली तीज 3 अगस्त के दिन है। उत्तरी भारत में इसे हरियाली तीज तो पूर्वी भारत में कज्जली तीज कहा जाता है। यूपी समेत देश के कई राज्यों में सुहागन स्त्रियां खासकर नवविवाहिताएं इस व्रत को बहुत महत्व देती हैं। वे मेहंदी आदि लगाकर विशेष श्रृंगार करके अपने मायके में शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा कर अपने सुहाग की लंबी आयु की कामना करती हैं। सच तो यह है कि सनातन धर्म में हर त्योहार, व्रत जीवन में आने वाली समस्याओं के समाधान से जुड़ा हुआ है। वैवाहिक जीवन में किसी कारणवश मनमुटाव हो गया हो, पति-पत्नी में एक-दूसरे के प्रति कटुता आ गई हो, तो उसे समाप्त करने के लिए उनमें आध्यात्मिकता पैदा करने के लिए ही ऐसे व्रत, त्योहार का हमारे ऋषियों ने विधान किया है। इससे गृहस्थ आश्रम को मजबूती मिलती है।

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