4PM! खबरची, कुछ मीठी मिर्ची

कलाकारी में कम नहीं साहब

शहर को चमकाने की जिम्मेदारी संभाल रहे एक साहब तरह-तरह की कलाओं में पारंगत हैं। अच्छे अच्छे अभिनेता भी उनके अभिनय के आगे पानी भरते हैं। वे अपने अभिनय का जलवा कई बार बिखेर चुके हैं। एक बार तो बीच सभा में दहाड़ मारकर रोने लगे। ऐसा अभिनय किया कि मातहत से लेकर आला अधिकारी तक भौचक रह गए। सभी उनको चुप कराने में जुट गए और असली बात आई गई हो गई। साहब अभिनय के इतने प्रकांड पंडित हैं कि मातहत भी सामने जाने से डरते हैं। मातहतों को डराने में साहब को बड़ा मजा आता है। किसी ने कोई सवाल किया नहीं, उसका पेंच कस देते हैं। ऐ सुनो, ज्यादा बनने की कोशिश मत करो, जहां के तुम स्टूडेंट रहे हो वहां का प्रिंसिपल रह चुका हूं। एक ही झटके में सलाखों के पीछे पहुंचा दूंगा। जब से साहब ने यह नया अभिनय शुरू किया है, मातहत सामने पडऩे से कतराते हैं। कौन मुंह लगे जी।

Loading...
Pin It

Comments are closed.